मौसम ने एक बार फिर पलटी मारी है। तीन दिनों तक धूप निकलने के बाद मंगलवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा और बर्फीली हवाओं का प्रकोप जारी रहा। इससे गलन एकाएक बढ़ गई। दोपहर बाद करीब तीन बजे कुछ देर के लिए सूरज चमका जरूर, लेकिन धूप नहीं निकल सकी। इसके चलते एक बार फिर जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। बाजारों में एक बार फिर सन्नाटा पसरा नजर आया। ठंड से लोग बेहाल रहे। पिछले तीन दिनों से अच्छी धूप निकल रही थी। सिर्फ सुबह और शाम को ही कोहरा और ठंड का प्रकोप रहता था। मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदली और सुबह से ही घने कोहरे के साथ सर्द हवाएं चलने लगीं। इससे स्कूल कॉलेज जाने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 06.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही। लोगों को अपने वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। परेशानहाल लोग या तो अलाव या हीटर से चिपके रहे या रजाइयों में दुबके रहे। बीमार और बुजुर्गों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। बच्चे भी ठंड से परेशान रहे।
मंगलवार को बाजार में भी भीड़भाड़ कम रही। गलन इतनी ज्यादा थी कि लोगों के हाथ पैर सुन्न हो रहे थे। कड़ाके की इस ठंड में लोग बड़ी मुश्किल से घरों के बाहर निकलने की हिम्मत जुटा सके। इस ठंड में मजदूरों, पल्लेदारों, रिक्शा चालकों और फील्ड वर्क करने वाले लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।