जिले में शनिवार को भी शीत लहर का कहर जारी रहा। रात में छाया घना कोहरा तो सुबह छंट गया, लेकिन दिन भर बादल छाए रहने से सूरज के दर्शन आज भी नहीं हुए। दिन भर बर्फीली हवाओं का दौर जारी रहा, जिसके चलते लोगों के हाथ-पैर तक सुन्न रहे। बुजुर्ग लोग या तो रजाइयों में दुबके रहे या अलाव और हीटरों के इर्द गिर्द जमा रहे। सरकारी कार्यालयों में भी ठंड के चलते कामकाज प्रभावित रहा।
शनिवार को अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 5.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान शुक्रवार की अपेक्षा 0.2 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। ठंड के चलते कक्षा आठ तक के स्कूल शनिवार को भी बंद रहे। कोचिंग पढ़ने के लिए जाने वाले बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी। एक जनवरी से शुरू हुई शीत लहर में लगातार इजाफा हो रहा है। तापमान में गिरावट और बर्फीली हवाएं चलने से गलन में बढ़ोतरी हो रही है।
जिला भीषण शीत लहर की चपेट में है। इससे जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त है। लोगों की दिनचर्या भी बदल गई है। बाजारों में भीड़ भाड़ न होने से रौनक गायब है। लोग जरूरी काम से ही बाहर निकल रहे हैं। इससे सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। फील्ड वर्क करने वाले, मजदूरों, पल्लेदारों, रिक्शा चालकों पर यह सर्दी काफी भारी पड़ रही है। शीत लहर बढ़ने के साथ ही लोगों की परेशानियां भी बढ़ती जा रही हैं। मैलानी। शनिवार को दिन भर बादल छाए रहे। बमुश्किल साढ़े तीन बजे सूरज निकल सका और झलक दिखलाकर गायब हो गया। उसके बाद चली बर्फीली हवाओं ने गलन और बढ़ा दी।