भानपुर बनवारी गांव में कई लोग बुखार से हैं पीड़ित
मोहम्मदी। जिले में बुखार का कहर नहीं थम रहा है। आए दिन इसकी वजह से लोगों की जान जा रही है। मोहल्ला भानपुर बनवारी में एक दिन के अंतराल में जाड़ा लगकर आए बुखार से ससुर और बहू की मौत हो गई, जबकि गांव में अन्य कई लोग बुखार से पीड़ित बताए जाते हैं। बावजूद इसके साफ सफाई से लेकर इलाज के मामले में जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं।
वेदपाल ने बताया कि 54 वर्षीय पिता ओम प्रकाश को आठ दिन पहले जाड़ा लगकर बुखार आया था। इस पर सीएचसी मोहम्मदी लेकर गए। हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान मंगलवार को मौत हो गई। वहीं 30 वर्षीय पत्नी मीना देवी को भी कुछ दिन पहले जाड़ा लगकर बुखार आया। उन्हें भी पहले सीएचसी मोहम्मदी में दिखाया, लेकिन हालत न सुधरने पर शाहजहांपुर लेकर गए। वहां से लखनऊ रेफर कर दिया गया। इस पर बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई।
वेदपाल ने बताया कि जाड़ा लगकर आए बुखार से सोमवार को पत्नी मीना और मंगलवार को पिता ओमप्रकाश की मौत हो गई। गांव में अन्य तमाम लोग भी जाड़ा लगकर बुखार आने से पीड़ित है।
वार्ड में ताला लगने की अधीक्षक को जानकारी तक नहीं
बुखार पीड़ितों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए सीएमओ ने सीएचसी में अलग वार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। इस पर वार्ड तो बना, लेकिन उसमें ताला लगा रहता है, जबकि कस्बा सहित आसपास के गांवों में तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। लापरवाही का आलम यह है कि वार्ड में ताला लगा होने के बाबत अधीक्षक को जानकारी तक नहीं है। वहीं मीना देवी की मौत के मामले में अधीक्षक डॉ. मयंक मिश्रा का कहना है कि उनको लीवर में दिक्कत थी और खांसी भी आ रही थी। मौत का कारण क्या है। इसके बारे में दवा के पर्चे देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
तेज बुखार पीड़ित बच्चा आईसीयू वार्ड में शिफ्ट
लखीमपुर खीरी। तेज बुखार बच्चों पर कहर बरपा रहा है। इससे पीड़ित बच्चे रोजाना जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालात गंभीर होने पर सभी को चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मंगलवार को एक बच्चे को आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, जिससे वहां भर्ती बच्चों की संख्या दो हो गई है।
मंगलवार को बुखार आने पर निघासन के कोदीपुरवा वैलहा निवासी महेश कुमार नौ वर्षीय पुत्र कुंदन को लेकर जिला अस्पताल आए। हालात गंभीर होने पर उसे चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। मगर, हालत में सुधार न होने पर बाल रोग विशेषज्ञ ने उसे आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया। इससे वहां भर्ती बच्चों की संख्या दो गई है। मंगलवार को बुखार पीड़ित पांच और डायरिया पीड़ित दो बच्चे भर्ती हुए। उधर, मेडिकल महिला में तीन और पुरुष वार्ड चार लोग बुखार पीड़ित भर्ती हैं।
मृतक मीना देवी