प्रशासन द्वारा बनाएं कुंड में जल समाधि लेते किसान नेता। संवाद
धौरहरा। जालिमनगर सरयू घाट पर श्रद्धालुओं के स्नान और जल भरने पर लगी रोक के विरोध में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के तहसील अध्यक्ष पवन पाठक ने पानी में उतरकर प्रदर्शन किया। उन्होंने घाट की बैरिकेडिंग तत्काल हटाने और श्रद्धालुओं को नदी में स्नान की अनुमति देने की मांग की।
पवन पाठक ने कहा कि सावन में हर वर्ष बड़ी संख्या में कांवड़िये और श्रद्धालु यहां आते हैं। नदी से जल भरकर विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाई है।
पाठक ने प्रशासन की ओर से बनाए गए गड्ढे में पानी भरने की व्यवस्था को आस्था के अनुरूप नहीं बताया। प्राचीन शिवालय को नदी के कटान से बचाने के लिए राहत कार्य की भी मांग की। प्रदर्शन के दौरान पाठक और नायब तहसीलदार अखिलेश कुमार के बीच नोकझोंक भी हुई।
उप जिलाधिकारी राशि कृष्णा ने बताया कि घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इससे घाट कटान की जद में आ गया है। जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से यह व्यवस्था अभी जारी रहेगी।