धौरहरा। घाघरा नदी की तेज धारा ईसानगर ब्लॉक में जमकर तबाही मचा रही है। अब तक हजारों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि और लोगों के आशियानों को नदी निगल चुकी है। बाढ खंड विभाग सिर्फ कागजों पर कटान रोकने के दावे करता नजर आ रहा है।
घाघरा नदी ने क्षेत्र के हटवा, मिर्जापुरवा, मिलिक, रामनगर बगहा, गुलरिया ताल्लुके अमेठी, हौकना मटेरा, सुजानपुर, नारीबेहड़, कबिरहा आदि गावों में तांडव मचाने के बाद भी अब ग्राम पंचायत कैरातीपुरवा के मजरे विलासपुरवा और महादेव पुरवा का अस्तित्व मिटाने के बाद अब बंशीवेली का वजूद मिटाने को बेताब दिखाई दे रही है। शुक्रवार को इसी गांव के ग्रामीण विपनेश, सुरेंद्र, गयादत्त, रत्तीराम और सुनील आदि अपने अपने घरों को तोड़कर मलबे को हटाने का प्रयास करते दिखे। पिछले वर्षों में बाढ़ और कटान रोकने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया तटबंध भी कृषि भूमि और गांवों को बचाने में कारगर नहीं साबित हुआ। नदी की तेज धार ने तटबंध को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है।