लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों में भुगतान के लिए गेटवे व्यवस्था लागू होने के बावजूद कई ग्राम पंचायतों के सचिव गेटवे का प्रयोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि दूसरे माध्यमों से बिल-बाउचर का भुगतान कर रहे हैं। 30 सितंबर को आठ ग्राम पंचायतों ने बिना गेटवे के करीब नौ लाख रुपये का भुगतान किया है। पंचायती राज निदेशक अनुज कुमार झा ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बिना गेटवे के भुगतान करने वाली आठों ग्राम पंचायतों से स्पष्टीकरण मांगा है।
तीन दिन पहले भी छह ग्राम पंचायतों ने बिना गेटवे के लाखों रुपये का भुगतान किया था। डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने संबंधित पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी किया था। इसके बाद भी किसी न किसी ग्राम पंचायत द्वारा नियमों का उल्लघंन करते हुए बिना गेटवे के भुगतान किया जा रहा है। इसी तरह 30 सितंबर 2022 को बिजुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत भीरा व मलूकापुर, बेहजम ब्लॉक की ग्राम पंचायत किशुनपुर, नगरा, प्रतापपुर, लखीमपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सैदापुर करनपुर, पसगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत मछेछा और गौनिया आलम के सचिवों द्वारा कुल 44 बाउचर के माध्यम से नौ लाख रुपये का भुगतान विभिन्न फर्मों को किया गया है।
इसमें बिजुआ की ग्राम पंचायत मलूकापुर ने दूूसरी बार बिना गेटवे के भुगतान किया, जबकि तीन दिन पहले भी बिना गेटवे के भुगतान करने के आरोप में डीपीआरओ ने नोटिस जारी किया था। डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने बताया कि शनिवार को आठ ग्राम पंचायतों के द्वारा बिना गेटवे के भुगतान किया गया है। इस संबंध में निदेशक पंचायती राज ने नोटिस जारी किया है। संबंधित ग्राम पंचायतों को तीन दिन में नोटिस का स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।