लखीमपुर खीरी। नेपाल के दार्चूला में स्थित महाकाली नदी पर बनी झील के किसी भी समय फटने की आशंका को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जिससे शारदा नदी में बाढ़ आने की आशंका जताई गई है।
एडीएम अरुण कुमार सिंह ने शारदा नदी के किनारे बसी आबादी और नदी में कार्य कर रहे लोगों को अलर्ट करते हुए सभी एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ को बचाव कार्य के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किए हैं।
पलिया/धनगढ़ी (नेपाल) से मिली जानकारी के अनुसार एक फरवरी को पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन हुआ था। इस दौरान पहाड़ का बढ़ा हिस्सा महाकाली नदी में गिर गया, जिससे नदी के पानी का बहाव रुक गया है और वहां इकट्ठा हुए पानी ने झील का रूप ले लिया। ऐसे में इसके फटने की आशंका के चलते नेपाल के कंचनपुर जिला प्रशासन की ओर से दो फरवरी को महाकाली नदी और आसपास क्षेत्र के लिए हाईअलर्ट जारी कर बाढ़ आने की आशंका जताई गई है।
नेपाल की महाकाली नदी के साथ ही भारत की शारदा नदी का भी जलस्तर बढ़ेगा, जिससे बाढ़ आने की आशंका है। नेपाल प्रशासन की ओर से जारी अलर्ट के बाद सीमा से लगी 49वीं व 39वीं वाहिनी एसएसबी की सभी बीओपी को कंट्रोल व एंटी क्राइम एनसीओ के माध्यम से जानकारी दी गई है। बाढ़ से बचाव के उपाय एवं आरआरटी टीम को तैयार रहने के भी निर्देश दिए गए हैं।
-
बिन बरसात बाढ़ की आशंका से सकते में ग्रामीण
पलिया। हर साल बरसात के मौसम में बाढ़ की विभाषिका झेलने वाले और शारदा नदी के किनारे आबाद कई दर्जन गांवों के ग्रामीण बिन बरसात के बाढ़ आने के अलर्ट से सकते में हैं। हर साल शारदा नदी की आने वाली बाढ़ उनको बेघर कर देती है और वह इस दंश को पीछे छोड़कर दोबारा से जिंदगी गुजारने के लिए तैयार होते हैं। लेकिन एक बार फिर बाढ़ आने की आशंका से वे परेशान हैं। शारदा नदी से सटे कई ऐसे गांव हैं जो बरसात के मौसम में आने वाली बाढ़ से टापू बन जाते हैं।