लखीमपुर खीरी। जिला मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण ने दुर्घटना पीड़ितों की रकम को लेकर बैंक की हीलाहवाली पर सख्त रुख अपनाया है, अदालत ने अगले आदेशों तक स्टेट बैंक की लखीमपुर शाखा के बैंक मैनेजर का वेतन रोकने का आदेश दिया है, साथ ही अदालत में एसबीआई के आला अधिकारियों को इस मामले संबंधित दोषी दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
मोटर दुर्घटना मामलों में पीड़ित पक्षकारों को मुआवजे की रकम बीमा कंपनियों और संबंधित पक्षकारों से वसूल कर जमा कराई जाती है जिसके बाद अदालत पीड़ित परिवारों को यह मुआवजे की रकम जारी करती है आंकड़े बताते हैं कि जिला मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण से संबंधित दस बचत खाते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की लखीमपुर खीरी शाखा में खुलवाए गए थे जिनमें करोड़ों रुपये जमा हैं।
पिछले दिनों मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण का विधिवत संचालन शुरू होने पर प्रतिकर अधिकरण की ओर से एसबीआई को सभी बचत खाते बंद करते हुए रकम अधिकरण के इंडियन ओवरसीज बैंक के खाते में ट्रांसफर करने के लिए आदेशित किया गया था, लेकिन केवल एक बचत खाते की रकम ही ट्रांसफर हुई है, इसके बाद लगातार आदेश भी अनसुने रहे। जिस पर पिछली बार नौ नवंबर को शाखा के बैंक मैनेजर को तलब किया गया था, फिर भी प्राधिकरण के नए बचत खाते में यह रकम नहीं ट्रांसफर की गई, वहीं मुआवजे की रकम पाने के इंतजार में दर्जनों पीड़ित परिवारों की ओर से आवेदन लंबित हैं। जिसके चलते अधिकरण के न्यायाधीश नरेंद्र कुमार झा ने एसबीआई लखीमपुर शाखा प्रबंधक का वेतन अगले आदेशों तक रोके जाने का आदेश दिया है साथ ही एमवी एक्ट की धारा 179 के अधीन कार्यवाही को लेकर बैंक मैनेजर को अधिकरण में पांच जनवरी को तलब किया है।
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दोषियों पर कार्रवाई के आदेश
पीड़ितों की मुआवजा राशि न्यायिक आदेश के बावजूद नए बचत खाते में ट्रांसफर न करने पर अधिकरण की ओर से संबंधित दोषी के खिलाफ कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं। अधिकरण की ओर से एसबीआई के मुंबई स्थित मुख्यालय और सीतापुर स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक को इस पूरे प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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क्या है धारा 179 एमवी एक्ट
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 179 में इस बाबत प्रावधान किए गए हैं कि यदि कोई लोक सेवक या कर्मचारी इस अधिनियम में दिए गए आदेशों का पालन नहीं करता है. तो उसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा साथ ही उसकी सेवा पुस्तिका और चरित्र पंजिका में इस तथ्य का उल्लेख किया जाएगा। संवाद