लखीमपुर के राजापुर मंडी में क्रय केंद्र पर रखी धान की बोरियां। संवाद
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लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद का लक्ष्य पूरा होने के बाद जिन क्रय केंद्रों पर धान की आवक नहीं हो रही है, ऐसे 94 क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है, जबकि शेष 36 क्रय केंद्रों को मंडी में अभी चालू रखा जाएगा। उधर, क्रय केंद्रों का धान लेने से कुछ मिल मालिकों ने इनकार किया है और मिलों में भेजी गई धान लदी ट्रॉलियों को भी लौटा दिया है। इससे करीब 74 हजार क्विंटल धान क्रय केंद्रों पर फंस गया है, जिससे केंद्र प्रभारियों से लेकर अधिकारियों में खलबली मची है।
खरीफ सीजन 2020-21 में धान खरीद के लिए कुल 130 क्रय केंद्र खोले गए थे, जिनके माध्यम से अब तक 2.22 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। जबकि शासन ने 2.05 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य दिया था। लक्ष्य पूरा होने के बाद खाद्य आयुक्त ने धान खरीद कर समीक्षा कर निष्क्रिय क्रय केंद्रों को बंद करने के आदेश दिए थे, जिसके क्रम में डीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने ऐसे 94 क्रय केंद्रों का चिह्नित किया, जिन पर कई दिनों से धान की आवक नहीं हो रही थी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि पीसीएफ, पीसीयू, एसएफसी, मार्केटिंग के क्रय केंद्रों को बंद किया गया है। इन केंद्रों पर कई दिनों से धान खरीद नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि मंडियों में सभी एजेंसियों के एक-एक क्रय केंद्रों पर धान खरीद चालू रहेगी।
गुणवत्ता खराब बताकर मिल मालिक ने लौटाया धान
राजापुर मंडी में मार्केटिंग और मंडी समिति के क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान की गुणवत्ता सही न होने पर मिल मालिकों ने धान लेने से साफ मना कर दिया है। जिससे केंद्र प्रभारियों की धड़कने बढ़ गई हैं। कहीं ट्रॉलियों में धान भरा खड़ा है, तो कहीं फड़ पर खुले आसमान के नीचे हजारों क्विंटल धान पड़ा है। यदि बारिश हुई तो नुकसान की संभावना केंद्र प्रभारियों की चिंता बढ़ा रही है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी के मुताबिक जिले भर के दर्जनों क्रय केंद्रों पर अभी करीब 74 हजार क्विंटल धान का भंडारण है, जिसको मिलों में भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ मिल मालिक क्रय केंद्रों का धान लेने से इनकार कर रहे हैैं, जिसकी वजह गुणवत्ता खराब होना बताया जा रहा है। इस मामले में संबंधित मिलों से बातचीत करके धान का उतार कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
लक्ष्य से अधिक 2.22 लाख एमटी धान की खरीद की जा चुकी है। धान की आवक कम होने से ग्रामीण क्षेत्र के 94 क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया है। अभी मंडियों में 36 क्रय केंद्र चालू रहेंगे, जहां किसान अपना धान बेच सकते हैं।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी