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स्कूली वाहनों की गति सीमा 40 किमी प्रति घंटा से ज्यादा न हो

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आरटीओ कार्यालय में प्रशिक्षण शिविर में भाग ले रहे अधिकारी व कर्मचारी। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। सड़क सुरक्षा सप्ताह के चौथे दिन शनिवार को परिवहन सुरक्षा समिति की ओर से गोष्ठी हुई, जिसमें स्कूली वाहनों के चालकों/परिचालकों को कोविड-19 से बचाव व सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। एआरटीओ प्रशासन बीके सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों को घर से स्कूल तक लाने और वापस छोड़ने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को वाहन में बैठाने और उतारने के दौरान सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। वाहन को पार्किंग में खड़ा करके ही बच्चों को बैठाया या उतारा जाए, जिससे पीछे से आने वाला वाहन टक्कर न मार सके।
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एआरटीओ कार्यालय के रोड सेफ्टी अवेयरनेस हाल में सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए 100 स्कूली वाहनों के चालकों/परिचालकों को मास्क एवं दस्ताने पहनवाकर गोष्ठी में शामिल किया गया। एआरटीओ प्रशासन बीके सिंह की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में डीके सिंह ने चालकों को सड़क सुरक्षा की टिप्स देकर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि स्कूली वाहन की गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा होती है, जिससे ज्यादा स्पीड नहीं होनी चाहिए। इस प्रकार की कई जानकारियां चालकों को दी गईं। इसके बाद प्रोजेक्टर के माध्यम से ऑनलाइन वीडियो सभी चालकों को दिखाए गए। ओवरटेक करने की वजह से होने वाले हादसों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाकर कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में एआरटीओ प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे, यात्री मालकर अधिकारी श्रीराम कश्यप, संभागीय निरीक्षक पंकज, टीएसआई सूर्यमणि यादव मौजूद रहे। संवाद
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