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पोषाहार बंद, चावल और दाल से दूर होगा कुपोषण

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आंगनबाड़ी केंद्र पर सूखे राशन के पैकेट तैयार करतीं समूह की महिलाएं। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों को बांटे जाने वाले पोषाहार को बंद कर दिया गया है, जिसके स्थान पर ड्राई राशन वितरण प्रणाली लागू कर दी गई है। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा कोटेदारों से राशन लेकर पैकेट तैयार किए जा रहे हैं, जिसमें गेहूं, चावल और चने की दाल शामिल है। दाल की खरीदारी बाजार से की जा रही है। समूह की महिला सदस्यों की निगरानी में आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा लाभार्थियों को पैकेट बांटे जा रहे हैं। अभी यह योजना दिसंबर तक चलेगी, जिसके बाद योजना की सफलता की समीक्षा की जाएगी।
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जनपद में महिला एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग द्वारा कुल 3503 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से करीब तीन लाख लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण किया जाता था। प्रदेश सरकार ने योजना में पारदर्शिता लाने के लिए ब्लॉक मुख्यालयों पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा पोषाहार तैयार कराने का निर्णय लिया था, जिसके क्रम में ब्लॉकों पर पोषाहार बनाने की इकाइयां लगाने के लिए स्थानों का चयन किया जा चुका है। हालांकि पोषाहार बनाने की इकाइयां अभी नहीं लग पाई है, जिससे नवंबर 2020 से पोषाहार को बंद करके ड्राई राशन वितरण प्रणाली लागू की गई है। स्वयं सहायता समूहों को संबंधित क्षेत्र के कोटेदारों से अटैच किया गया है, जहां से लाभार्थियों की संख्या के हिसाब से गेहूं और चावल का उठान करके पैकेट तैयार कर रही हैं।
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लाभार्थियों की पांच कैटेगरी बनाई
पहली कैटेगरी में छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को नीला पैकेट दिया जाएगा, जिसमें एक किलो गेहूं, 1.50 किलो चावल, 750 ग्राम चना दाल मिलेगी। दूसरी कैटेगरी में तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को हरा रंग का पैकेट दिया जाएगा, जिसमें एक किलो चावल और 1.50 किलो गेहूं मिलेगा। तीसरी कैटेगरी में तीन से छह वर्ष तक के अतिकुपोषित बच्चों को लाल रंग का पैकेट दिया जाएगा, जिसमें 1.50 किलो चावल, 2.5 किलो गेहूं और 500 ग्राम चना दाल मिलेगी। चौथी कैटेगरी में 11 से 14 वर्ष तक की किशोरियों को गुलाबी रंग का पैकेट दिया जाएगा, जिसमें एक किलो चावल, दो किलो गेहूं और 750 ग्राम चना दाल मिलेगी। पांचवीं कैटेगरी में गर्भवती/धात्री महिलाओं को पीला रंग का पैकेट दिया जाएगा, जिसमें एक किलो चावल, दो किलो गेहूं और 750 ग्राम चना दाल मिलेगी। एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक सुरजन सिंह ने बताया कि पैकेट पर महिला समूह की मुहर लगेगी और आईसीडीएस व एनआरएलएम का लोगों लगाया जाएगा।
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महिला समूहों को मिलेगा लाभांश
महिला समूहों को चना दाल और पैकेट बनाने के लिए नॉन ओवेन, कपड़े की खरीद बाजार से करनी है, जिसके लिए भुगतान आईसीडीएस को होगा। साथ ही पोषाहार की पैकिंग और उठान/भाड़ा आदि पर आने वाले खर्च के अनुपात में समूहों को लाभांश दिया जाएगा।
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वर्जन.......
अभी दो महीने के लिए ट्रायल के तौर पर ड्राई राशन वितरण प्रणाली लागू की गई है। वहीं पोषाहार ब्लॉकों पर तैयार करने के लिए इकाइयां स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके पूरा होने के बाद पोषाहार का वितरण कराया जाएगा।
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- एसके श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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