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‘ड्रैगन पर चोट युवाओं के लिए साबित होगी फायदेमंद’

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लखीमपुर खीरी। भारत-चीन के बीच लद्दाख सीमा पर पिछले कई माह से गतिरोध जारी है। ऐसे में चीन को आर्थिक चोट पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने बुधवार को तीसरी आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक कर पबजी, वीचैट सहित चीन के 118 एप्स पर बैन लगा दिया। केंद्र सरकार की इस कार्रवाई का देशवासियों ने स्वागत किया है। जो युवा, बच्चे पबजी आदि खेलों के आदी हो चुके थे, वह थोड़ा निराश जरूर हैं, लेकिन देश और सेहत के लिए इसे उचित बता रहे हैं। पबजी खेलने वाले युवा बताते हैं कि पबजी में चार से लेकर 100 लोग तक एक साथ खेलते थे। खेलते-खेलते इस कदर इसकी आदत हो गई थी इसके आगे कुछ भी अच्छा नहीं लगता था। खेलते समय यदि कोई किसी काम के लिए कहता तो गुस्सा आ जाता। मोबाइल पर एक टक नजर रखने से आंखों से पानी तक आने लगता था। खेले बिना रहना मुश्किल हो रहा था। मगर, अब जब इन एप पर रोक लगा दी है तो इसकी आदत छूट जाएगी।
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आदत पड़ जाने के कारण खेलते जरूर थे, लेकिन खेल था गलत। हर समय खेलता देख घरवाले भी नाराज होते और आंखें भी कमजोर हो रहीं थी।
-रजी अहमद, हाथीपुर कोठार
सरकार ने चीनी एप बंद कर बिल्कुल सही किया। बच्चों से लेकर युवाओं पर इसका खराब असर पड़ रहा था। पबजी की लत तो बेहद खराब थी।
-विनोद सिंह, इमली चौराहा
चीनी एप पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय सही है। मगर, पबजी के बंद होने से सामाजिक बातचीत की कमी बच्चों और युवाओं में तनाव का कारण बनेगी।
-ईशा जायसवाल, छात्रा
आत्मनिर्भर भारत के तहत चीनी एप पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय सही है। केंद्र सरकार का यह कदम परिस्थिति सापेक्ष तथा युवा पीढ़ी के हित में हैं।
-साधना गौतम, गृहणी
चीनी एप से बच्चों का भविष्य और सेहत दोनों खराब हो रही थी। इन्हें बंद करने का निर्णय सही है। इसका बच्चों के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ रहा था।
- सुमन अग्रवाल, गृहणी
बहुत अच्छा हुआ जो भारत सरकार ने चीनी एप पर प्रतिबंध लगा दिया। इससे बच्चों का भविष्य बर्बाद होने के साथ आंखों की रोशनी भी कमजोर हो रही थी।
-सवि चतुर्वेदी, शिक्षिका
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