वन भूमि को निगलती नेपाली मोहाना नदी।
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बांकेगंज। कुदरत के कहर ने एक झटके में ही वन भूमि पर अतिक्रमणकारियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। दशकों से जिस भूमि को हथियाने के लिए और वन विभाग उस जमीन को खाली कराने के लिए अदालतों के चक्कर काट रहा था, उस भूमि को नेपाली मोहाना नदी ने अपनी धार के साथ बहा ले गई।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उत्तर निघासन रेंज के रन नगर वन ब्लॉक में करीब 400 एकड़ वन भूमि पर लंबे अरसे से वन माफिया ने अतिक्रमण कर रखा था। वन विभाग ने जब इसे खाली कराने की कोशिश की तो अतिक्रमणकारी न्यायालय की शरण में चले गए। दशकों तक चले मुकदमे के बाद हाल ही में कोर्ट ने वन विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया था। कोर्ट के फैसले के बावजूद अतिक्रमणकारी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं थे।
इस साल नेपाली नदी मोहाना में जब भीषण बाढ़ आई तो कब्जाई गई वन भूमि का एक तिहाई हिस्सा नदी ने लील लिया। बाकी बची भूमि पर खड़ी फसल बाढ़ का पानी भर जाने से तबाह हो गई। इस तरह कुदरत ने इस मामले में अपना फैसला कर दिया।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उत्तर निघासन रेंज में 400 एकड़ वन भूमि पर कुछ लोगों का कब्जा था। कोर्ट ने इस संबंध में वन विभाग के पक्ष में फैसला दिया था। बावजूद इसके भूमाफिया जमीन खाली नहीं कर रहे थे। अब इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा नदी के कटान के चलते मोहाना नदी में समा गया है।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, डीडी, डीटीआर, बफरजोन।