लखीमपुर खीरी। नेशनल और स्टेट हाईवे के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कोंका हाल भी कुछ अच्छा नहीं है। सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे बारिश का पानी भरने से राहगीरों की आंखों से ओझल हो जाते हैं, जिससे खासकर बाइक सवार अक्सर हादसे का शिकार हो जाते हैं। प्रदेश सरकार ने बरसात से पहले ही सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश पीडब्ल्यूडी समेत सड़क निर्माण कराने वाली अन्य कार्यदायी संस्थाओं को दिए थे। विभाग ने गड्ढों के पैच वर्क, मरम्मत आदि कार्यों पर करोड़ों खर्च किए लेकिन बारिश ने सब कलई खोल दी।
सिनेमा रोड से निकलना पर संभल कर
गोला गोकर्णनाथ शहर के अंदर नानक चौकी से लेकर मिल गेट तक सिनेमा रोड पर गहरे गड्ढे हैं। वर्षों से इस मार्ग की पीडब्ल्यूडी ने सुधि नहीं ली। हालात यह है कि जरा सी भी असावधानी हादसे का सबब बन सकती है। शहर के बीचों-बीच होने के कारण यह मार्ग 24 घंटे व्यस्त रहता है।
सुरक्षित घर जाना है तो अलीगंज रोड के गड्ढों से बचना
अलीगंज से नगर में प्रवेश करते ही सेंट्रल वेयर हाउस के सामने से कृषि उत्पादन मंडी समिति के प्रथम गेट तक अलीगंज रोड पर गड्ढे इतने गहरे हो चुके हैं कि जरा सी भी चूक जोखिम भरी हो सकती है।
जर्जर ममरी-पुवायां मार्ग पर रोडवेज सेवा भी बंद
ममरी से रोशननगर, घमहाघाट सुंदरपुर, परवस्तनगर, पिपरिया कप्तान, रघुनाथपुर जेबां होते हुए पुवायां जाने वाली 40 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पांच वर्ष पूर्व पीडब्लूडी ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत किया था। अब इस रोड पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे यहां से निकल पाना मुश्किल हो रहा है। रोडवेज बस सेवा भी सड़क टूटी होने की वजह से बंद कर दी गई है।
मोहम्मदी-लखीमपुर मार्ग पर जलभराव
मोहम्मदी-लखीमपुर मार्ग पर मोहम्मदपुर गांव में घरों का पानी सड़क पर भरने से कई स्थानों पर रास्ता गड्ढों में तब्दील हो गया है। हर समय दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। अमीरनगर से देवरिया होते हुए गोला जाने वाला मार्ग देवरिया गांव तक दो साल पूर्व बनाया गया था, लेकिन यह मार्ग भी जर्जर हालत में पहुंच गया है।
बांकेगंज-कुकरा और गोला रोड पर गड्ढ़े ही गड्ढ़े
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत तीन साल पहले बनी बांकेगंज, कुकरा और गोला रोड पर खतरे ही खतरे हैं। सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है। जरा-जरा सी दूरी पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इस सड़क पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। बावजूद इसके मरम्मत की बात छोड़िए पैच वर्क तक नहीं कराया गया है।
मोहम्मदी-बस्तौली मार्ग वर्षों से जर्जर
मोहम्मदी से पकरिया बहादुरनगर होते बस्तौली मार्ग जर्जर पड़ा है। इस मार्ग से सैकड़ों भक्त प्रसिद्ध शिवमंदिर बाबा टेढ़ेनाथ धाम व जंगलीनाथ के लिए जाते हैं। सड़क पर जलभराव के चलते गांव के अंदर से होकर मुख्य मार्ग पर आना पड़ता है। पिछले वर्ष सड़क को गुड्ढ़ामुक्त किया गया था, लेकिन वह एक बरसात भी नहीं झेल पाया।
कई लिंक मार्ग खराब, लोग परेशान
निघासन तहसील क्षेत्र के लुधौरी, सिंगाहा से सिन्हौंना, पलिया रोड से बौधिया कलां, लोधपुरवा, बम्हनपुर से हुलासीपुरवा तक के लिंक मार्ग अधिक खराब होने के कारण लोगों को आने-जाने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। सड़कों की मरम्मत न होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
यहां तो गड्ढों में खोजनी पड़ती है सड़क
फरधान सदर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत खानपुर, मन्योरा, रुकुंदीपुर, शंकरपुर, परसेहरा बुजुर्ग को मेनरोड से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग टूटकर जर्जर हो गए हैं। सभी सड़के गहरे-गहरे गड्ढो में तब्दील हो गई हैं। जलभराव होने से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ब्लॉक बेहजम के गांव परसेहरा बुजुर्ग और शंकरपुर को जोड़ने वाली सड़क और फरधान और भदूरा को जोड़ने वाली सड़क टूटकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। फरधान से नकहा पिपरी लिंक मार्ग तक जाने वाले वाली सड़क भी उखड़कर गायब हो गई है। शंकरपुर के मजरा फत्तेपुर से मोहम्मदी लखीमपुर को जो जोड़ने वाला लिंक मार्ग, सिकटिहा से सकतापुर, गोला और लखीमपुर मार्ग को जोड़ने वाला लिंक मार्ग भी टूटकर जर्जर हो चुका है।
शिकायत के बाद भी नहीं सुनते अधिकारी
ईसानगर कस्बा खमरिया पंडित बाजार में हल्की बारिश में ही जलभराव हो जाता है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही राहगीरों को दिक्कत होती है। लोगों को घुटने भर पानी तक से गुजरना पड़ता है। कस्बा निवासी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि ग्राम पंचायत से लेकर स्थानीय जन प्रतिनिधि से कई बार सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
बारिश से पहले सड़कों के गड्ढे भरने और पैच वर्क का काम कराया गया था, लेकिन अभी बारिश के चलते काम बंद है। बारिश का मौसम निकलने के बाद फिर से गड्ढों को भरवाया जाएगा। जर्जर सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। तीन वर्ष के अंदर जर्जर हुई सड़कों की मरम्मत का काम संबंधित ठेकेदारों से कराया जाएगा।
-एनके यादव, अधिशाषी अभियंता, प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी