लखीमपुर खीरी। जनपद में यूरिया की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों पर शासन ने संज्ञान लेते हुए वितरण व्यवस्था की समीक्षा के लिए इटावा के उप कृषि निदेशक योगेश प्रताप सिंह को नोडल अधिकारी बनाया है। उप कृषि निदेशक ने जनपद में डेरा डाल दिया है। शनिवार को उन्होंने पीसीएफ के बफर गोदाम समेत सहकारी समितियों का निरीक्षण कर यूरिया खाद की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा की।
उप कृषि निदेशक योगेश प्रताप सिंह ने पीसीएफ के बफर गोदाम जलालपुर गोला, पहाड़ापुर, मरखापुर में यूरिया खाद के स्टॉक का सत्यापन किया। उन्होंने प्रीपोजिशनिंग स्टॉक का मिलान बोरियां गिनवाकर कराया। पीसीएफ जिला प्रबंधक शैलेंद्र शुक्ला ने जानकारी देेते हुए बताया कि प्रीपोजिशनिंग स्टॉक से एक माह पहले 33 प्रतिशत यूरिया समितियों को दी जा चुकी है। इसके बाद डीएम के आदेश पर फिर से 1400 मीट्रिक टन यूरिया 45 समितियों को भेजी जा रही है। इसके अलावा साधन सहकारी समिति गनेशपुर फरधान, कालाआम और निपनिया में भी खाद वितरण का भौतिक सत्यापन किया। इसके बाद उन्होंने प्राइवेट खाद दुकानों का निरीक्षण कर कुछ किसानों से भी बयान लिए हैं। जनपद के 20 टॉप बायर (ज्यादा यूरिया खरीदने वाले) किसानों का सत्यापन कराया है। उप कृषि निदेशक 20 अगस्त से जनपद के दौरे पर हैं, जो 23 अगस्त यानी रविवार को सत्यापन रिपोर्ट कृषि निदेशक को सौंपेंगे। इस दौरान एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह, जिला प्रबंधक शैलेंद्र शुक्ला समेत सहकारिता विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।