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सचिव को किया निलंबित, सफाईकर्मी पर मेहरबानी

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लखीमपुर खीरी। पसगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत खूंटी बुजुर्ग में विकास कार्यों के नाम पर फर्जी तरीके से लाखों रुपये का गोलमाल किए जाने और नियमविरुद्ध तरीके से तैनात सफाईकर्मी/प्रधानपति के खिलाफ सात दिन बाद भी कार्रवाई नहीं की गई, तो मंगलवार को सीडीओ अरविंद सिंह ने डीपीआरओ से नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही डीपीआरओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इसके बाद शाम को डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने सचिव/ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार को निलंबित करके फूलबेहड़ ब्लॉक से अटैच कर दिया है, लेकिन आरोपी सफाईकर्मी/प्रधानपति समेत तीन कर्मियों के खिलाफ अभी कार्रवाई नहीं की है।
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सीडीओ ने पहले भी कई मामलों में डीपीआरओ को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी थी, जिसका जवाब डीपीआरओ ने कई महीने बाद भी नहीं दिया है। डीपीआरओ की लापरवाह कार्यशैली को लेकर सीडीओ ने पंचायती राज निदेशक को भी पत्र भेजा था, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बाद ताजा प्रकरण में कार्रवाई न होने पर सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए डीपीआरओ के खिलाफ शासन को पत्र भेजने के संकेत दिए हैं।
परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने 28 जुलाई 2020 को ग्राम पंचायत खूंटी बुजुर्ग में विकास कार्यों जायजा लिया था। जांच में कई कार्यों में गोलमाल की पुष्टि हुई थी। साथ ही पीडी ने प्रधान के पति (जो उसी गांव में सफाईकर्मी) के खिलाफ भी कार्रवाई और दूसरे ब्लॉक में स्थानांतरण करने की संस्तुति की थी। साथ ही पीडी ने नियमविरुद्ध तरीके से सफाईकर्मी को उसी की ग्राम पंचायत में तैनात किए जाने पर भी सवाल उठाए थे।
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गोलमाल का है आरोप
विद्यालय के शौचालय की मरम्मत के नाम पर 2018-19 में 76,929 रुपये का फर्जी भुगतान निकाले जाने का आरोप है। ग्राम पंचायत में लगे कुल 45 इंडिया मार्का हैंडपंप की मरम्मत और रिबोर कराने के नाम पर वर्ष 2018-19 और 2019-20 में 8.50 लाख रुपये के गोलमाल का आरोप है। ऐसे ही 2018-19 में स्ट्रीट लाइट की खरीद और प्रकाश व्यवस्था पर 4.45 लाख रुपये खर्च दिखाकर गोलमाल किए जाने का आरोप है।
तीन सफाई कर्मियों पर होनी है कार्रवाई
खूंटी बुजुर्ग की प्रधान के पति सफाई कर्मी सोहन लाल की तैनाती इसी के राजस्व ग्राम नदौवा में है। इसके अलावा दो और सफाई कर्मी लक्ष्मी और संतोषी की तैनाती है। इसके बावजूद गांव में गंदगी फैली है।
खूंटी बुजुर्ग मामले में पीडी को धमकी, सीडीओ ने लिया संज्ञान
ग्राम पंचायत खूंटी बुजुर्ग में निरीक्षण करके पीडी रामकृपाल चौधरी ने ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधान को कई मामलों में गबन का दोषी ठहराते हुए रिपोर्ट सीडीओ और डीपीआरओ को भेजी थी। इसके बाद दोषियों पर कोई कार्रवाई तो नहीं हुई, लेकिन पीडी को तबादले की धमकी मिली है। इससे मामला तूल पकड़ गया है, क्योंकि पीडी ने उसी गांव के सफाईकर्मी सोहनलाल, जो प्रधान का पति भी है, का तबादला दूसरे ब्लॉक में करने की संस्तुति की है। इसके बाद प्रधानपति ने पीडी को दूसरे जिले में स्थानांतरण कराने की कवायद में बयानबाजी की। इस पर पीडी ने मामले की जानकारी सीडीओ को दी है।
डीपीआरओ को नोटिस देकर जवाब मांगा है, जिसके बाद सचिव को निलंबित किया गया है। फिर भी सफाईकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। जल्द ही डीपीआरओ की लापरवाह कार्यशैली से शासन को भी अवगत कराया जाएगा। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में रूचि नहीं ली जा रही है। कई सफाईकर्मियों की तैनाती भी गलत तरीके से की गई है।
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-अरविंद सिंह, सीडीओ
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