पलिया-मझगईं। मझगईं से खालेपुरवा-दुबहा मार्ग पर 50 लाख की लागत से बना रपटा पुल पहली ही बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया है। रपटा पुल के दोनों तरफ सोलिंग की जगह मिट्टी पाटी गई है, जो कटकर गायब हो गई। इससे निकलने में लोगों को दिक्कत आ रही हैं। ग्रामीणों ने पुल बनाने वाले ठेकेदार पर मानक विहीन कार्य करने का आरोप लगाया है।
सांसद निधि से खालेपुरवा व दुबहा गांव के बीच 50 लाख रुपये की लागत से रपटा पुल का निर्माण कराया गया था। इसमें पुल के दोनों तरफ सोलिंग करने के बजाय मिट्टी पाट दी गई थी। शारदा नदी में पानी बढ़ने के बाद रपटा पुल के दोनों तरफ पानी के तेज बहाव ने मिट्टी काट दी है। जिसपर अब आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। रपटा पुल पर तो पानी नहीं चल रहा है, लेकिन दोनों तरफ काटी गई मिट्टी में दस से बारह फुट तक पानी चल रहा है। गांव के लोग नाव से आवागमन करने पर मजबूर हैं। ग्रामीणों ने पुल बनाने वाले ठेकेदार पर मानक विहीन पुल का निर्माण कराए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने बताया कि अभी दो महीने पहले ही यह पुल बनकर तैयार हुआ है लेकिन पहली बाढ़ की ठोकर ही यह पुल नहीं झेल सका। जिसके कारण भारी संख्या में आबादी को अब केवल नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
करोड़ों की लागत से बना बंधा नदी में समाया
गुलरिया तहसील पलिया के ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत जंगल नंबर सात के सामने शारदा नदी पर सिंचाई विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से इसी वर्ष जियो बैग में मिट्टी भरकर बंधा बनाया था, जो सोमवार की रात नदी के पानी में समा गया, जिससे तटबंध के किनारे बसे लगभग 24 से अधिक गांवों को खतरा पैदा हो गया है।
ग्राम प्रधान पति महेंद्र सिंह, पंचायत मित्र कमल सिंह ने सिंचाई विभाग को सूचना दी, लेकिन कोई देखने तक नहीं आया। इससे जगन्नाथ टांडा, प्रताप टांडा, राऊटांडा, नया देशराज टांडा, ढकिया, सूरजपुर, रमेशरापुर, रामनगर आदि गांव कटान की जद में हैं। पिछले साल भी चार गांव कटकर तबाह हो गए थे, जिनमें रहने वाले ग्रामीण जहां तहां घर बनाकर खानाबदोश लोगों की तरह जीवन यापन कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के जेई कुंदनलाल ने बताया कि कटान की सूचना मिली है। मरम्मत कार्य चालू करवा दिया गया है। बराबर निगाह रखी जा रही है।
हादसे को दावत दे रहा शारदा नदी पुल पर बना गड्ढा
पलियाकलां शारदा नदी सड़क मार्ग के पुल पर बीचोबीच भीरा की ओर एक बड़ा गड्ढा हो गया है। जिसमें से अंदर सरिया भी दिखाई दे रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने ठीक करने की जहमत नहीं उठाई है।
शारदा नदी का सड़क पुल काफी सालों पहले बनाया गया था। बीच-बीच में तो रोड आदि की मरम्मत का कार्य किया जाता है, लेकिन इधर कई महीनों से पुल की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। भारी वाहनों के निकलने से पुल के बीच में एक बड़ा गड्ढा हो गया, जिससे कभी भी कोई गंभीर हादसा हो सकता है। इस पुल पर से दिन व रात आवागमन रहता है। गड्ढा इतना क्षतिग्रस्त हो गया है कि उसमें से पुल में लगाई गईं सरिया भी दिखाई देती हैं। लोगों ने इसको ठीक कराने की मांग की है।