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नदियों के किनारे बंधों पर बनेगा सुरक्षा कवच

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लखीमपुर खीरी। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने एवं इससे बचाव के लिए जिला प्रशासन सुरक्षा कवच बनाने में जुट गया है। बाढ़ राहत परियोजनाओं के तहत नदी के किनारों और बंधा को कटान से बचाने के लिए ईसी (सीमेंट की खाली बोरी) और जीईओ (पेट्रोलियम पदार्थ और टेक्सटाइल से बना बैग) बैग में मिट्टी/बालू भरकर सुरक्षा कवच बनाया जा रहा हैै। इससे गांवों के श्रमिकों को रोजगार मुहैया हुआ है, वही बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए परियोजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी।
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अधिशाषी अभियंता (बाढ़ खंड) राजीव कुमार ने बताया कि हर साल बरसात के मौसम में आने वाली बाढ़ के नियंत्रण के लिए जिले में पांच बड़ी कटान निरोधक परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिन पर कार्य कराया जा रहा है। पांच कटान निरोधक परियोजनाएं सें हजारों की तादाद में जिले के श्रमिकों को प्रतिदिन रोजगार मिल रहा हैै। डीएम ने बताया कि जनपद की बाढ़ का प्रमुख कारण नेपाल राष्ट्र के पहाड़ी क्षेत्र में होने वाली अधिक वर्षा है। नेपाल राष्ट्र से निकलने वाली प्रमुख नदियां शारदा, घाघरा, सुहेली, मोहाना, कौड़ियाला आदि भारतीय सीमा के मैदानी क्षेत्रों में तीव्र वेग से प्रवाहित होती हैं। इन नदियों में सिल्ट लोड अधिक होने के कारण मुख्यत: शारदा एवं घाघरा नदियां कटान करती हुई आगे बढ़ती हैं, जिससे जनपद की तहसीलें पलिया, निघासन, धौरहरा पूर्ण रूप से और गोला एवं लखीमपुर आंशिक रूप से बाढ़ की चपेट में आती हैं। बाढ़ खंड शारदानगर में शारदा नदी के बाएं किनारे पर, तहसील धौरहरा में शारदानगर से ऐरा पुल तटबंध की सुरक्षा के लिए किमी 12.150 से किमी 13.600 तक काम कराया जा रहा है। ऐसे ही ग्राम समूह राजापुर भज्जा एवं पसियनपुरवा, तहसील सदर में शारदा नदी के दाएं किनारे स्थित ग्राम रेहरिया खुर्द, रेहरिया कला और नौवापुर, तहसील पलिया में ग्राम समूह ढकिया खुर्द, ढकिया कला व शाहपुर और तहसील निघासन में घाघरा नदी के दाहिने किनारे पर ग्राम समूह मोटेबाबा, गोदियाना, रामनगर एवं बगहा के सुरक्षार्थ कटाव निरोधक कार्यों की कुल पांच परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इन पांचों परियोजनाओं पर 36.10 करोड़ रुपये कुल लागत आएगी।
अभी बाढ़-कटान जैसी स्थिति नहीं है। बाढ़-कटान नियंत्रण के लिए विभिन्न नदियों के किनारों पर सुरक्षा कवच बनाए जा रहे हैं। इससे बारिश के दौरान संभावित बाढ़ और कटान के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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-राजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड शारदानगर
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