लखीमपुर खीरी। विभिन्न बैंकों के गांवों में 630 ग्राहक सेवा केंद्र स्थापित हैं, जिन्हें एक्टिव करते हुए ग्राहकों को भुगतान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ अरविंद सिंह ने इन्हें मोबाइल पेमेंट बैंक की तरह काम करने के निर्देश दिए हैं, जिससे ग्राहकों को बैंक शाखा तक न जाना पड़े। इससे बैंक शाखाओं पर उमड़ रही भीड़ को कंट्रोल किया जा सकेगा।
राष्ट्रीयकृृत बैंकों ने सभी ब्लॉकों के गांवों में बैंकिंग सुविधा के लिए ग्राहक सेवा केंद्र संचालित कर रखे हैं। लॉकडाउन के दौरान विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सरकार द्वारा लोगों के बैंक खाते में पैसा भेजा जा रहा है। इससे काफी संख्या में लोगों की भीड़ बैंक शाखाओं पर उमड़ रही है, जिससे सामाजिक दूरी बनाने में कठिनाई उत्पन्न हो गई है। इससे पहले डाकघरों में आधार कार्ड के जरिए बैंक खाताधारकों को पैसा निकालने की सुविधा दी जा चुकी है, लेकिन इससे भी शाखाओं पर भीड़ कम नहीं हुई है। ऐसे हालात से निपटने के लिए सीडीओ ने बैंकिंग कारस्पोंडेट्स (बीसी) की जमीनी ताकत को इस्तेमाल करने की रणनीति बनाई है। इसके लिए तहसील औैर ब्लॉकों में पुलिस अधिकारी समेत अन्य विभागीय अधिकारियों के सहयोग से गांवों में प्रधानों के माध्यम से नागरिकों में बीसी के नाम और मोबाइल नंबर की जानकारी प्रदान करेंगे। ताकि वे सीधे संबंधित बीसी को अपने गांव बुला सकें।
सत्यापन बाद 500 के खातों में जाएगी एक हजार धनराशि
लखीमपुर खीरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एलान के बाद नगर पालिका ने रोज कमाकर खाने वालों की सूची बनाने का काम शुरू कर दिया है। लोगों को मुख्यमंत्री सहायता योजना का लाभ देने के लिए आवेदन फार्म भी बांटे थे। दो हजार से अधिक लोगों ने आवेदन फार्म भरकर नगर पालिका में जमा किए थे। इससे में 274 लोगों का सत्यापन कराने के बाद पालिका प्रशासन ने एक-एक हजार रुपये की धनराशि खातों में भेजवाई है। जबकि 500 लोगों का सत्यापन कराने का काम शुरू हो चुका है। ईओ आरआर अंबेश बताते हैं कि नगर पालिका में करीब 1500 लोग रोजना कमाकर खाने वाले पंजीकृत हैं। पहले इनके खातों में धनराशि भेजी रही है। करीब दो हजार और आवेदन आए हैं। इनका सत्यापन तहसील से कराया जा रहा है। इसके बाद खातों में धनराशि भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। संवाद