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बेमौसम बारिश से किसानों पर आफत

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लखीमपुर खीरी। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें तबाह हो गई हैं। शुक्रवार और शनिवार को बारिश से खेतों में कटी पड़ी सरसों, मसूर समेत पककर खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने का अनुमान है। वहीं इस बारिश से बागों में आम के पेड़ों में लगे बौर को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
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जनपद में शुक्रवार और शनिवार को कुल औसत वर्षा 20.6 मिमी हुई है, जिसमें सबसे ज्यादा वर्षा निघासन और पलिया क्षेत्र में 35.4 मिमी रिकार्ड की गई। मौसम विभाग के मुताबिक किसानों को फिलहाल बारिश से अभी निजात नहीं मिलने वाली है। मौसम विज्ञान आंचलिक केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया है कि रविवार और सोमवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन मंगलवार को होली के दिन बादलों की आवाजाही हो सकती है। इसके अगले दिन बुुधवार को बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ ही तेज हवा चलने और ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं तहसील प्रशासन की नजरों में फसलों को नुकसान तो हुआ है, लेकिन मुआवजा देने के मानक के मुताबिक नुकसान नहीं है। मितौली तहसील क्षेत्र में गिरे ओलों ने किसानों की कमर तोड़ दी है, लेकिन यहां के तहसीलदार ने भी जिला प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में नुकसान 33 प्रतिशत से कम होना बताया है। इसी तरह अन्य तहसीलदारों ने भी बैठे-बिठाए 33 प्रतिशत से कम नुकसान होने की रिपोर्ट भेजी है। इससे बेहाल किसानों को सरकार से मुआवजा मिलने की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं, क्योंकि भारत सरकार के निर्धारित मानक के मुताबिक 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसलों को नुकसान होने पर ही मुआवजा दिया जाएगा।
बांकेगंज बारिश से आलू, गेहूं, सरसों, मसूर, चना और अन्य शाक-सब्जी की फसलों को क्षति पहुंची है। वहीं तेज हवाओं के कारण गन्ने, गेहूं और सरसों की फसल खेतों में लुढ़क गई है, जिससे कृषि उत्पादन में भारी कमी आने की संभावना है। आलू फसल में नुकसान के चलते उपभोक्ताओं की जेब पर महंगाई की भार पड़ने की संभावना है।
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झमाझम हुई बारिश से सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल गिरी
पलियाकलां में सुबह से हो रही झमाझम बारिश से सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल गिर गई, जिससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि दोपहर बाद धूप के दर्शन तो हुए लेकिन सुबह से होने वाली बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। निचले मोहल्लों में जलभराव हो गया है। इससे निकलने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेत खलिहानों को जाने वाले रास्ते पर भी कीचड़ होने से किसानों को दिक्कते आ रही है।
मझगईं। यहां शनिवार को भी सारा दिन बारिश होती रही। तेज हवा चलने से किसानों की सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल गिर गई है। किसान धर्मपाल सिंह चौधरी, सुखदेव सिंह, साबी सिंह, बब्लू सिंह, सरजीत सिंह, जीवन सिंह, महेन्द्र यादव आदि ने बताया काफी नुकसान होने की आशंका है।
नेपाल के पहाड़ों पर बर्फबारी से बंद हुए रास्ते
बझांग, बेतड़ी, दार्चुला, पहाड़ी जिलों को जोड़ने वाले जय पृथ्वी राज मार्ग पर काफी बर्फ गिरी है, जिससे रास्ता बंद हो गया, जिसे काफी मशक्कत के बाद खोला गया। इस कारण धनगढ़ी की ओर से और उधर पहाड़ की ओर से आने जाने वाले वाहनों की लंबी लाइन लग गई, जिसमें हजारों यात्री फंसे रहे। डोटी क्षेत्र में भी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
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