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स्वच्छता सर्वेक्षण टीम शहर से लौटी,सफाई व्यवस्था जस की तस

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लखीमपुर खीरी। स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 के सर्वे के लिए दिल्ली से आई टीम यहां से चली गई लेकिन शहर की स्वच्छता को लेकर वह संतुष्ट नजर नहीं आई। मोहल्ला राजगढ़ में सर्वे के दौरान टीम के सदस्यों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी से अनुमान लगाया जा रहा है कि स्वच्छता की मार्किंग कमजोर रही है। हालांकि शुक्रवार को जब शहर का जायजा लिया गया तब स्थित जस की तस नजर आई। कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे थे और नालियां चोक मिलीं। फिलहाल स्वच्छ सर्वेक्षण सूची जारी होने के बाद ही सही स्थिति सामने आएगी।
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हर माह में सिर्फ वेतन पर खर्च हो रहा एक करोड़
नगर के 30 वार्डों को साफ रखने के लिए नगर पालिका में रेग्युलर, संविदा सहित ठेकेदार के माध्यम से करीब 550 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इनकी सैलरी पर करीब एक करोड़ रुपये हर माह खर्च हो रहा है। उसके बावजूद मोहल्लों में गंदगी का अंबार है।
पार्क के कोने में लगा मलबा
नगर पालिका शहर के पार्कों के सौंदर्यीकरण कराने में अच्छी खासी रकम खर्च कर रही है। मगर, ईदगाह में पार्क किनारे महीनों से मलबा लगा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है इसे हटवाने के लिए पालिका के स्वच्छता पोर्टल पर फोटो तक डाली। फिर भी नहीं हटा।
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नाले पर उग आई घास
सीतापुर रोड पर ओवरब्रिज के पास वाला नाला सफाई न होने के कारण चोक हो गया है। हालत यह हो गई है कि उस पर घास तक उग आई है। आसपास के लोगों ने बताया कि आज तक इसकी तली झाड़ सफाई नहीं हुई। इससे हल्की बारिश में ही सड़क पर पानी भर जाता है।
नाला पूरी तरह पट गया गंदगी से
नहर पटरी के पास नाले की स्थित और भी बुरी है। गंदगी से नाला पूरी तरह से पट गया है। पटरी की ओर अचानक मोड़ होने से आए दिन वहां पर हादसे भी होते हैं। पड़ोस के दुकानदारों का कहना है कि इसकी सफाई और नाले पर जाल डलवाने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
बोले राजगढ़ निवासी कागजों तक सीमित स्वच्छता अभियान
स्वच्छता के मामले में मोहल्ले की ही नहीं शहर की स्थिति बेहद खराब है। नाले नालियां चोक हैं। पालिका डस्टबिन वितरण का प्रचार कर रही है, लेकिन मिला अब तक नहीं।
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-ब्रजेश मिश्रा
सफाई व्यवस्था कितनी बेहतर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। कि सर्वेक्षण टीम शहर में है और मोहल्ले का खाली प्लॉट कूड़े से पटा पड़ा है।
- राजेश त्रिवेदी
नालियां चोक हैं। हल्की बारिश में घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। मोहल्ले की यह स्थिति तब है जब सदर विधायक भी इसी मोहल्ले रहते हैं।
-श्रीष त्रिवेदी
नालों की तली झाड़ सफाई हुई नहीं। नाला भी टूट गया है, उस पर घास तक जम गई है। गंदगी के कारण चोक होने से बारिश में मेन रोड तालाब बन जाता है।
-प्रदीप कुमार
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