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योगी जी! गन्ने का बकाया भुगतान न मिलने से टूट रहे किसानों के सपने

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लखीमपुर खीरी। गन्ना किसान चीनी मिलों पर बकाया लाखों का भुगतान न मिलने से परेशान हैं। भुगतान की आस में किसानों ने अपने बेटे-बेटियों की शादी तय की थी लेकिन चीनी मिलों का रवैया देख अब उन्हें बच्चों की शादी के सपने टूटते नजर आ रहे है। भुगतान न मिलने से जहां किसानों के जरूरी काम अटक गए हैं तो वहीं एक किसान की बेटी को फीस अदा न कर पाने के कारण नर्सिंग इंस्टीट्यूट से बाहर कर दिया गया।
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करीब डेढ़ माह पहले सूबे के मुखिया ने कहा था कि चीनी मिल प्रबंधन जल्द भुगतान करे नहीं तो मिलों की नीलामी कराकर बकाया भुगतान कराया जाएगा, लेकिन इसका चीनी मिलों पर कोई असर नहीं पड़ा।
सुनिए किसानों की पीड़ा उनकी जुबानी
बेटे की शादी 16 को लेकिन नहीं मिला भुगतान
ग्राम भीखमपुर निवासी रामसिंह राठौर का कहना है कि पिछली सीजन की एक पर्ची और इस वर्ष की दो पर्चियों का कुल 90 हजार रुपया बजाज चीनी मिल पर बाकी है। 16 फरवरी को उनके पुत्र राजीव राठौर का विवाह है। ऐसे में धन की कमी से काफी चिंतित हैं।
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14 को आनी है बेटी की बरात
ग्राम मौठीखेड़ा निवासी स्वामीदयाल की पुत्री शीलू का विवाह 14 फरवरी को है, जिनकी पिछले साल की एक पर्ची का 24 हजार और इस साल की 12 पर्ची का एक लाख 76 हजार, कुल दो लाख रुपया चीनी मिल पर बकाया है। उन्हें बेटी की शादी की चिंता हो रही है।
फीस जमा न होने पर बेटी को इंस्टीट्यूट से निकाला
ग्राम भीखमपुर निवासी सियाराम कश्यप ने कहा कि उनकी पिछले वर्ष की एक पर्ची और तीन पर्ची इस सीजन की कुल 1.20 लाख रुपया बजाज चीनी मिल पर बाकी है। उनकी पुत्री को फीस जमा न कर पाने पर नर्सिंग इंस्टीट्यूट से बाहर निकाल दिया गया।
ढाई लाख बकाया कैसे करें पोतियों की शादी
निघासन के पतिया निवासी मंगू खां ने बताया कि उनकी दो पोतियों का निकाह अगले माह है। चीनी मिल पर पिछले साल का करीब ढाई लाख रुपया बकाया है, लेकिन भुगतान मिल पाना संभव नहीं लग रहा।
बच्चों की फीस जमा करने को आ रहे नोटिस
गन्ना किसान बसढिया निवासी रमेश ने बताया पर्ची का भुगतान न मिलने पर बच्चों की फीस के लिए स्कूल से नोटिस आ रहा है।
कही लेना न पड़ जाए कर्ज
अल्लीपुर निवासी रामकिशन ने बताया मिल पर करीब 50 हजार बकाया है। कहा-ऐसा लगता है कि कही कर्ज न लेना पड़ जाए।
क्रशर पर बेच रहे गन्ना
मोहम्मदापुर निवासी रामशरन नाई ने बताया पिछले सत्र का करीब 40 हजार बकाया है। मजबूरन 170 रुपये क्विंटल गन्ना क्रशर पर बेचना पड़ा रहा है।
रुपयों के लिए दूसरे के सामने फैला रहे हाथ
बांके लाल राजपूत ने बताया कि भुगतान न मिलने की वजह से एक ट्रॉली गन्ना सस्ते में बेचना पड़ा। रुपयों के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाने पड़ रहें हैं।
आठ दिन बाद बेटी की शादी, कही कर्ज न लेना पड़े
अजय कुमार ने बताया 30 जनवरी को बेटी की शादी है। उम्मीद थी कि पिछला भुगतान मिल जाएगा। अब तो चिंता हो रही है शादी के खर्च कैसे पूरे होंगे। कहीं कर्ज न लेना पड़ जाए।
चीनी मिलों पर 13 अरब से अधिक गन्ना मूल्य बकाया
लखीमपुर खीरी। जनपद की नौ चीनी मिलों पर किसानों का 13 अरब 46 करोड़ 32 लाख 91 हजार रुपया बकाया है, जिसमें पिछले पेराई सत्र 2018-19 का दो अरब 96 करोड़ 38 लाख रुपया शामिल है। चालू पेराई सत्र 2019-20 में चार मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा और ऐरा ने अब तक भुगतान नहीं किया है। भुगतान न मिलने से किसानों के सामने परिवार और बच्चों की पढ़ाई का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
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चीनी मिलवार बकाया (लाखों में)
चीनी मिल 2019-20 2018-19
गोला 29594.91 7721.67
पलिया 20493.81 12456.84
खंभारखेड़ा 20518.89 4433.36
ऐरा 14307.17 4511.45
अजवापुर 4349.79 00000
कुंभी 3202.23 00000
गुलरिया 3198.73 0000
बेलरायां 3765.80 514.74
संपूर्णानगर 5563.52 0000
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