एक जनवरी 2020 से सिक्स आर और नाइन आर के मैनुअल कामकाज पर लगाई जा चुकी है रोक
ऑनलाइन खरीद-बिक्री होने से आएगी पारदिर्शता, गड़बड़ियों पर लगेगा अंकुश
लखीमपुर खीरी। मंडी समितियों में कृषि उत्पादों अनाज, गुड़ आदि की खरीद-बिक्री को एक जनवरी 2020 से पूरी तरह आनलाइन कर दिया गया है, लेकिन जनपद की मंडियों में अब भी पुराने ढर्रे पर मैनुअल (हाथ से) कामकाज किया जा रहा है। सिक्स आर (पर्चा किसान) और नाइन आर (आढ़तिया बिल) को ऑनलाइन भरा जाना है, लेकिन अब भी दोनों तरह की रसीदों को मैनुअल ही काटा जा रहा है। इसी तरह गेट पास (प्रपत्र 54) को मैनुअली काटा जा रहा है।
मंडी समिति लखीमपुर में अब तक ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। आढ़ती आज भी पुराने ढर्रे पर कायम हैं, तो मंडी के अधिकारी और कर्मचारी भी ऑनलाइन व्यवस्था से दूरी बनाए हुए हैं। जबकि शासन ने मंडी में होने वाली अनाज की खरीद-फरोख्त को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। आढ़तियों द्वारा किसानों को दी जाने वाली सिक्स आर रसीद (पर्चा किसान) और गेटपास प्राप्त करने के लिए आढ़तिए द्वारा काटा जाने वाला नाइन आर पर्चा को ऑनलाइन भरा जाना है। इसके बाद ऑनलाइन आढ़ती बिल जनरेट होने पर मंडी निरीक्षक प्रपत्र की सूचनाएं सही होने पर कमांड (सहमति) देगा। तभी ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा गेट पास जारी हो सकेगा। इससे मंडी समिति के कामकाज में पारदर्शिता आएगी और अफसरों को मंडी में होने वाली खरीद-फरोख्त की आनलाइन सूचना मिल सकेेगी। इससे मंडी शुल्क में चोरी होने के मामले कम हो जाएंगे।
अब भी ऐसे चल रहा काम
मैनुअल कामकाज में पारदर्शिता न के बराबर है। मसलन सिक्स आर या नाइन आर काटे बिना ही गेटपास जारी कर दिया जाता है। इससे आढ़ती की खरीद-बिक्री का आकलन नहीं हो पाता। कई बार एक गेटपास पर दोबारा माल की निकासी कर ली जाती है।
सिक्स आर और नाइन आर को ऑनलाइन भरे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन अब भी पूरी तरह कामकाज ऑनलाइन नहीं हो पाया है। जल्द ही खरीद-बिक्री प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया जाएगा।
- रामबाबू शर्मा, मंडी सचिव