चीनी मिलों पर किसानों का तीन अरब से अधिक ब्याज बकाया
वर्ष 2016-17 से नहीं दिया जा रहा ब्याज का भुगतान
लखीमपुर खीरी। किसानों की आय बढ़ाकर दोगुनी करने के दावों के बीच यह साल भी चंद दिनों में बीतने वाला है, लेकिन किसानों की आय दोगुनी होना तो दूर उनका भुगतान मिलना मुश्किल हो रहा है। एक तो गन्ना मूल्य भुगतान समय से नहीं मिल रहा, तो दूसरे बकाया गन्ना मूल्य पर देय ब्याज का भुगतान भी पिछले कई सालों से चीनी मिलें दबाए हैं। गन्ना एक्ट के नियमों के मुताबिक सभी नौ चीनी मिलों पर पेराई सत्र 2018-19 में एक अरब 52 करोड़ 26 लाख 22 हजार रुपये ब्याज का बकाया है, जिसका भुगतान गन्ना किसानों को किया जाना है। नया पेराई सत्र शुरू होने के बावजूद मिलों ने पिछले सत्र का बकाया ब्याज का भुगतान किसानों को नहीं किया है। जबकि डीएम और जिला गन्ना अधिकारी कई बार मिलों को ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दे चुके हैं।
वर्ष 2017-18 में गन्ना एक्ट के मुताबिक बकाया गन्ना मूल्य पर एक अरब 90 करोड़ 89 लाख 76 हजार रुपये किसानों के ब्याज की देनदारी चीनी मिलों पर बन चुकी है, लेकिन किसी भी मिल ने किसानों को ब्याज की रकम का भुगतान नहीं किया है। इसी तरह वर्ष 2016-17 में भी चीनी मिलों पर 72 करोड़ तीन लाख 77 हजार रुपये ब्याज की देनदारी बनी थी, जिसका भुगतान नहीं किया गया। गन्ना किसानों के सामने कई तरह की समस्याएं हैं, जिसमें एक्ट के बावजूद समय से भुगतान न मिलना प्रमुख वजह बना हुआ है। गन्ना एक्ट के मुताबिक किसानों का गन्ना खरीदने की तिथि से 14 दिनों में भुगतान करना अनिवार्य है, लेकिन इस अवधि में भुगतान न करने पर मिलों को बकाया गन्ना मूल्य पर किसानों को ब्याज देना अनिवार्य है। अधिकतर मिलें गन्ना एक्ट के इस नियम का पालन नहीं करती हैं। पिछली सरकारों ने मिल मालिकों पर दरियादिली दिखाते हुए किसानों को मिलने वाले ब्याज के करोड़ों रुपये माफ कर दिए थे, जिसके बाद योगी सरकार में भी किसानों को उनका हक दिलाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। मिल मालिक भी बेखौफ होकर गन्ना एक्ट का मखौल उड़ा रहे हैं, तो वहीं किसान खुद को लाचार महसूस कर रहा है।
मिलों पर बकाया ब्याज (2018-19 लाख में)
गोला 5145.24
पलिया 3698.51
खंभारखेड़ा 2581.67
ऐरा 1651.21
अजवापुर 210.59
कुंभी 414.26
गुलरिया 306.04
बेलरायां 646.78
संपूर्णानगर 571.92
अभी गन्ना मूल्य का भुगतान कराना प्राथमिकता है। हालांकि सभी मिलों को गन्ना मूल्य भुगतान के साथ ही ब्याज की रकम का भुगतान करने के निर्देश समय समय दिए जाते हैं। सभी चीनी मिलों को ब्याज की रकम का भुगतान कराया जाएगा।
-ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी