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बीएडीपी से स्कूल में बाउंड्री वाल बनाने को मिले 27.62 लाख रुपये का गबन

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सीडीओ की जांच में डीएसटीओ और पैक्सफेड के परियोजना अभियंता मिले दोषी
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डीएम ने दोनों आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजी
कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को ब्लैकलिस्टेड करने की संस्तुति
लखीमपुर खीरी। बार्डर एरिया डेवलपमेंट कार्यक्रम (बीएडीपी) के तहत पांच प्राथमिक विद्यालयों में बाउंड्री वाल बनाने के लिए मिले 27.62 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि अधिकारियों ने मिलते-जुलते नाम की कार्यदायी संस्था को भुगतान करके धनराशि हड़प ली। सीडीओ अरविंद सिंह ने गबन के मामले की जांच की, जिसमें डीएसटीओ ग्रुप ए/तत्कालीन डीएसटीओ ग्रुप बी तिलक सिंह और कार्यदायी संस्था पैक्सफेड के परियोजना अभियंता केके गंगवार को दोषी पाया। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने डीएसटीओ तिलक सिंह को निलंबित करने, कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं वसूली की कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जनपद में एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति शासन से मांगी है।
वहीं परियोजना अभियंता केके गंगवार को वैधानिक नोटिस जारी कर एक सप्ताह में समस्त शासकीय धनराशि जमा कराने के लिए कहा है। इसके बाद धनराशि जमा न होने पर केके गंगवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है। साथ ही डीएम ने कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को ब्लैकलिस्टेड करने की संस्तुति करते हुए केके गंगवार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र शासन को भेजा है।
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बार्डर एरिया डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार से बजट मिलता है, जिससे जिले के तीन ब्लॉकों पलिया, निघासन और रमियाबेहड़ के गांवों में विकास कार्य कराए गए। वर्ष 2018-19 में निघासन ब्लॉक के पांच प्राथमिक विद्यालयों में बाउंड्री वाल बनाने के लिए 27.62 लाख की धनराशि मिली थी। यह कार्य कराने के लिए डीएम ने 25 फरवरी 2019 को वास्तविक कार्यदायी संस्था पैकफेड (उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड) के नाम आदेश जारी किया था। आरोप है कि इसके बाद डीएसटीओ तिलक सिंह और पैक्सफेड (उत्तर प्रदेश विधायन एवं शीतगृह संघ लिमिटेड) के परियोजना अभियंता केके गंगवार ने भ्रष्टाचार की नीयत से साजिश रचते हुए डीएम के आदेश को वास्तविक कार्यदायी संस्था पैकफेड को नहीं भेजा, बल्कि मिलते-जुलते नाम वाली दूसरी संस्था पैक्सफेड को कार्यकारी आदेश अवैध रूप से रिसीव कराया। आरोप है कि इसके बाद सरकारी धनराशि को अवैध संस्था के बैंक खाते में भेजकर धनराशि हड़प ली।

दो कार्य पहले हो चुके थे पूर्ण
जिन पांच विद्यालयों में बाउंड्री वाल बनाने के नाम पर धनराशि हड़पी गई, उनमें से दो विद्यालयों में वर्ष 2017-18 में काम कराया जा चुका था। इसका उपभोग प्रमाण पत्र स्वयं डीएसटीओ तिलक सिंह ने शासन को भेजा था। इन्हीं दो कार्यों पर दोबारा वर्ष 2018-19 में कार्य होना और उसके सापेक्ष खर्च दिखाया गया है। सीडीओ अरविंद सिंह ने कहा है कि दोनों अधिकारियों ने जिला प्रशासन को आपराधिक कूटरचना के तहत तथ्यों को छिपाकर झूठी सूचना दी, ताकि उनकी जालसाजी और जिला प्रशासन के खिलाफ विश्वासघात का पर्दाफाश न हो सके।
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दोनों दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए डीएम द्वारा शासन को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है। पैक्सफेड को ब्लैकलिस्टेड कराया जाएगा, जिससे यह संस्था जिले में काम न कर सके। पैक्सफेड के परियोजना अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। गबन की गई धनराशि 27.62 लाख रुपये की वसूली दोनों आरोपी अधिकारियों से की जाएगी।
-अरविंद सिंह, सीडीओ
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