लखीमपुर खीरी। रबी फसलों की सिंचाई केे बाद उनमें यूरिया खाद डालने का काम शुरू हो गया है, जिसके साथ ही इफको किसान सेवा केेंद्र और सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत गहराने लगी है। राजापुर मंडी में संचालित इफको किसान सेवा केंद्र पर यूरिया खाद कई दिनों से स्टॉक में नहीं है। इससे काफी किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। तो वहीं सहकारी समितियों में पॉस मशीनों के जरिए किसानों को खाद बिक्री की जाती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में इंटरनेट नेटवर्किंग बाधित होने की समस्या से किसानों को समय से खाद नहीं मिल पा रही है। जबकि समितियों में यूरिया खाद उपलब्ध है। एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह का दावा है कि 132 सहकारी समितियों में करीब छह हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। जबकि बफर स्टॉक में 8200 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।
रबी सीजन में गेहूं समेत अन्य फसलों का बुआई का समय चल रहा है। जैसे ही खेतों की सिंचाई होगी, तो उसके तुरंत बाद किसानों को यूरिया का जरूरत पड़ेगी। अभी जिन किसानों ने सिंचाई कर ली, उन्हें यूरिया चाहिए। कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद यूरिया लेने के लिए किसानों भी भीड़ समितियां लगी थी, तब भी कुछ जगहों पर यूरिया की किल्लत हुई थी। पीक ऑवर होने केे कारण अधिकारी भी खाद आपूर्ति को लेकर चौकन्ने हो गए हैं। एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह ने बताया कि रबी सीजन में सहकारी समितियों के माध्यम से 21143 मीट्रिक टन यूरिया बांटे जाने का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष अब तक 14 हजार मीट्रिक टन यूरिया समितियों को भेजी जा चुकी है। इसमें से आठ हजार मीट्रिक टन यूरिया बिक्री हो चुकी है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले तीन हजार मीट्रिक टन अधिक है। एआर कोआपरेटिव का कहना है कि जहां यूरिया खत्म होती है, तो वहां का चेक मिलते ही बफर गोदाम से यूरिया भेजी जाती है। प्रतिदिन 500 मीट्रिक टन यूरिया समितियों पर भेजी जा रही है। किसानों को खाद मिलने में समस्या आने का दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि इंटरनेट नेटवर्किंग की समस्या होने पर पॉस मशीन काम नहीं करती है। पिछले कुछ दिनों में इंटरनेट बाधित रहा है, जिससे किसानों को खाद बिक्री करने में तकनीकी दिक्कत आई हैं। समिति के सचिवों के सामने भी समस्या है कि वह बिना पॉस मशीन में इंट्री किए किसानों को खाद बिक्री नहीं कर सकते हैं।
जिले में यूरिया खाद की कमी नहीं है और न होने दी जाएगी। जिन समितियों मेें यूरिया खत्म होती है, उनमें तुरंत बफर गोदाम से यूरिया भेजी जा रही है। बफर स्टॉक पर्याप्त मात्रा में है और रैक से भी यूरिया की आपूर्ति प्राप्त हो रही है।
-रत्नाकर सिंह, एआर कोआपरेटिव