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हड़ताली लेखपालों पर कसा शिकंजा, 18 निलंबित

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लखीमपुर खीरी। आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू होने के बावजूद हड़ताल पर अड़े लेखपालों के खिलाफ डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने गुरुवार को भी बड़ी कार्रवाई करते हुए 18 लेखपालों को निलंबित कर दिया है। जबकि 24 लेखपालों की सर्विस ब्रेक करते हुए वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। इस तरह अब तक कुल 355 लेखपालों पर काम नहीं वेतन नहीं की कार्रवाई हुई है।
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जनपद मेें कुल 405 में से 373 लेखपाल 10 दिसंबर से हड़ताल पर थे, लेकिन बुधवार की शाम को 331 लेखपालों पर कार्रवाई किए जाने के बाद गुरुवार को 18 लेखपाल हड़ताल छोड़कर काम पर लौट आए। फिर भी 355 लेखपाल कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर डटे हैं। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया है कि एस्मा लागू होने के कई दिन बाद भी लेखपाल काम पर नहीं लौटे, जिससे शासन ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में विभिन्न तहसील इकाइयों के पदाधिकारी लेखपालों में से 18 लेखपालों को निलंबित किया गया है। जबकि 24 लेखपालों की सर्विस बुक में काम नहीं वेतन नहीं के आधार पर सर्विस ब्रेक की इंट्री किए जाने के आदेश दिए हैं। डीएम ने बताया कि 355 लेखपालों पर काम नहीं वेतन नहीं के तहत कार्रवाई की गई है। इससे इनकी सर्विस ब्रेक होने के साथ ही इन्हें हड़ताल के दौरान का वेतन नहीं मिलेगा। जब काम पर लौटेंगे, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि तहसीलों में कामकाज प्रभावित हुआ है, जिसके लिए शीघ्र ही शासन के निर्देशानुसार वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। ताकि शासन की प्राथमिकता के कार्यक्रम प्रभावित न हों।
लेखपाल संघ के सात पदाधिकारी निलंबित
धौरहरा। एसडीएम सुंनंदू सुधाकरण ने लेखपाल संघ तहसील इकाई के सात पदाधिकारी लेखपालों को निलंबित कर दिया है। तहसील संघ के अध्यक्ष शशांक शेखर शुक्ला, मंत्री शिवबालक सिंह समेत योगेश कुमार भार्गव, अंकित कुमार, राजीव कुमार अवस्थी, रामखिलावन, इलियास को निलंबित किया गया है। एसडीएम ने बताया कि कार्रवाई से पहले सभी लेखपालों को दो बार नोटिस जारी की गई थी। छह लेखपाल हड़ताल से वापस काम पर आ गए हैं।
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