लखीमपुर खीरी। महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों से चिंतित राष्ट्र सेविका समिति की पदाधिकारियों ने सोमवार को विहिप नेता साध्वी प्राची की अगुवाई में डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। साध्वी प्राची ने कहा कि राष्ट्र की उन्नति के लिए महिलाओं की सुरक्षा करना मौलिक आवश्यकता है। यह सुनिश्चित कराना राज्य सरकार का कर्तव्य है कि देश में महिला किसी भी समय, दिन या रात को कहीं भी निकले तो वह अपने को सुरक्षित महसूस करे। साध्वी ने बेटी बचाओ देश बचाओ का नारा लगाया।
कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर छात्राओं को संबोधित करते हुए जिला संपर्क प्रमुख डॉ. पारूल त्रिवेदी ने कहा कि राज्य और देश में महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न अत्यंत चिंतनीय और निंदनीय हैं। आपराधिक मानसिकता वाले नवयुवक ही सामाजिक एवं न्यायिक व्यवस्था को ध्वस्त करने का लगातार कारण बन रहे हैं। नगर सह कार्यवाहिका शिप्रा वाजपेयी ने कहा कि ऐसी उत्पीड़न के मामलों में आरोपियों के खिलाफ कठोर एवं तत्काल कार्रवाई करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि किशोर भी इन दुष्कृत्यों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि कोई भी घटना या छेड़खानी होती है, तो साहस के साथ मुकाबला करें और तुरंत टोल फ्री नंबरों पर पुलिस को सूचना दें। प्रदेश में नारी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन को सतर्क रहने की मांग उठाई। इसके बाद साध्वी प्राची की अगुवाई में समिति ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह को सौंपा। इस मौके पर वीरांगना वाहिनी की रश्मि गुप्ता, अर्चना वाजपेयी, शिखा सिंघल, रूचि ऋतुराज वाजपेयी, प्रभा त्रिपाठी, छवि मिश्रा, ज्योति शुक्ला, मंदाकिनी आदि मौजूद रहीं।
साध्वी प्राची ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
रेप पीड़िता के परिजनों के उत्पीड़न का लगाया आरोप
लखीमपुर खीरी। साध्वी प्राची ने सोमवार को कलक्ट्रेट में अपने संबोधन के दौरान ईसानगर क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग रेप पीड़िता के परिजनों को पुलिस द्वारा फंसाए जाने का मामला जोर शोर से उठाया। उन्होंने चिरपरिचित अंदाज में जिला प्रशासन और पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि रेप के आरोपी को पुलिस किसके दबाव में बचा रही है। यह मामला मुख्यमंत्री के सामने उठाउंगी।
ईसानगर क्षेत्र के एक गांव निवासी 11 वर्षीय बालिका के साथ दो माह पहले गांव के ही एक युवक ने दुष्कर्म किया था। पुलिस ने टाल-मटोल करके तीन दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली, लेकिन आरोपी पर कार्रवाई नहीं की। बल्कि ईसानगर पुलिस ने सुलहनामा कराने का भरसक प्रयास किया। इससे परेशान होकर पीड़ित परिवार ने गांव छोड़ दिया और लखीमपुर में रिश्तेदार के यहां शरण ली। इसके बाद आरोप है कि ईसानगर पुलिस ने आरोपी युवक की ओर से पीड़िता के पिता, चाचा, फूफा और मामा के खिलाफ आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने समेत 13 धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़िता का पिता कथावाचक है और फूफा लखीमपुर में मेडिकल व्यवसाई। साध्वी प्राची ने कहा कि आरोपी की ओर से पीड़ित परिवार पर रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस ने भी गंदा काम किया है। इसके लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी पूनम को प्रकरण की जानकारी देते हुए पीड़ित परिजनों के खिलाफ लिखी रिपोर्ट को तुरंत वापस लेने की मांग की है। साथ ही आरोपी युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
न अपील, न दलील, न सुनवाई होनी चाहिए: साध्वी
लखीमपुर खीरी। दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ सख्त कानून लाए जाने की मांग करते हुए साध्वी प्राची ने कहा है कि दुष्कर्मियों की न अपील हो, न दलील हो और न सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म के आरोपियों पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने हैदराबाद कांड में पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी दुष्कर्म के आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए। तभी दरिंदगी की घटनाएं रोकी जा सकेंगी।