निघासन (लखीमपुर खीरी)। ब्रिटिश हुकूमत में बनी तहसील निघासन को नगर पंचायत का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव पर आखिरकार कैबिनेट की मोहर लग गई है। इसके साथ ही कस्बावासियों का कई साल पुराना सपना साकार हो गया है। जनसंख्या कम होने के कारण रकेहटी आंशिक के अलावा अन्य दो मजरों को नगर पंचायत में शामिल किया गया है। क्षेत्र में खुशी की लहर है।
अंग्रेजी शासनकाल में तहसील की स्थापना वर्ष 1879 में हुई थी। बाद में इस तहसील को बांटते हुए पलिया और धौरहरा को तहसील बनाकर क्रमश: नगर पंचायत और नगर पालिका का दर्जा दे दिया गया, लेकिन निघासन को नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिल सका, यह दर्जा दिए जाने के लिए लोग कई सालों से मांग कर रहे थे। अब कैबिनेट ने निघासन को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने संबंधी प्रस्ताव पर मोहर लगा दी है, जिससे लोगों में खुशी की लहर है।
इन मजरों को किया गया शामिल
निघासन कस्बा समेत राजाराम पुरवा, मोहनलाल पुरवा, हीरा लाल पुरवा, भजन पुरवा, छीटन पुरवा, बिहारी पुरवा, बस्तीपुरवा, परागी पुरवा, बोझिया, नकटहा, नकटहा चमरौधा, चौधरी पुरवा, टापर पुरवा, प्रीतमपुरवा, बुद्धीपुरवा के अलावा रकेहटी आंशिक के अलावा सुक्खन पुरवा।
निघासन को नगर पंचायत का दर्जा मिलने पर खुशी की लहर
निघासन। निघासन को नगर पंचायत के दर्जा मिलने से लोगों में खुशी की लहर है, लोगों ने कहा कि आज जाकर उनका सपना साकार हो सका है। जो प्रयास किए जा रहे थे वह रंग लाएं हैं।
व्यापार मंडल अध्यक्ष एके चौबिया, दामोदर प्रसाद, प्रधानपति रामकुमार मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, मोनू दीक्षित के अलावा देवेंद्र चुतर्वेदी, शशिकांत, अशोक चौधरी, डीएस मौर्य, भाजयुमो जिलाध्यक्ष विनोद लोधी ने निघासन को नगर पंचायत का दर्जा मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाते हुए प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया।
नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए इन लोगों ने किया प्रयास
भाजपा से दो बार मंत्री और विधायक रहे स्वर्गीय रामकुमार वर्मा ने वर्ष 2001 में इस संबंध में पहल करते हुए पलिया में बनीं तहसील का उद्घाटन करने आए भाजपा के राजनाथ सिंह से निघासन को नगर पंचायत बनाने की मांग की थी। उसके बाद विधानसभा का उपचुनाव जीतने के बाद सपा के पूर्व विधायक स्वर्गीय केजी पटेल ने रकेहटी आदि को शामिल करने के बाद नगर पंचायत का दर्जा दिलाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट में आपत्ति लगने के बाद उसे रोक दिया गया। भाजपा सांसद अजय मिश्र टेनी, विधायक शशांक वर्मा ने भी इस संबंध में प्रयास किया।
कई बार शासन से फाइल हुई वापस
निघासन को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने संबंधी फाइल, कमियां होने के कारण कई बार शासन से वापस हुई। करीब छह माह पहले फाइल को फिर भेजा गया, अब उस पर कैबिनेट की मोहर लग गई है।
नगर पंचायत बनने से लाभ
तहसील मुख्यालय निघासन को नगर पंचायत बनने की हरी झंडी मिल गई है। इसके बनने से कस्बे वासियों को शहर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। नगर पंचायत बनने से पंच की जगह सदस्य और प्रधान की जगह पर अध्यक्ष होंगे। नगर का विकास होगा। इसके लिए अलग से बजट मिलेगा। सड़के चौड़ी होंगी, पेयजल, प्रकाश की सुविधा मिलेगी। पेयजल के लिए हर घर में पाइप लाइन और शौचालय होगा। मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों को भटकना नहीं होगा। बस स्टॉप और स्टैंड बनेगा। रोजगार के अवसर बढ़ेगा। बेरोजगारों के लिए दुकानों का निर्माण होगा। नगर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
विधायक और सांसद बनने के बाद से ही नगर पंचायत का दर्जा दिलाने का संकल्प किया था। नगर पंचायत के दर्जे के लिए कई बार मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से मिलकर इसे पूरा करने की मांग की थी, वह अब जाकर पूरा हुई है।
- अजय मिश्र टेनी, सांसद खीरी