लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2018-19 में 9529 आवास बनाए जाने हैं। इनमें से 129 सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों के पास आवास बनाने के लिए जमीन ही नहीं हैै, जिससे पक्की छत का सपना साकार नहीं हो पा रहा है। छत के लिए परेशान लाभार्थियों की उम्मीद तहसील प्रशासन पर टिकी है। क्योंकि डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सभी तहसीलों के एसडीएम को चिट्ठी भेजकर भूमिहीन लाभार्थियों को ग्राम समाज की खाली पड़ी जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
भूमिहीन लाभार्थियों की संख्या सबसे अधिक ब्लॉक धौरहरा और ईसानगर में क्रमश: 39 और 37 हैं। इसके अलावा ब्लॉक बांकेगंज में दो, बेहजम में नौ, बिजुआ में तीन, पलिया में 26, पसगवां में चार, मोहम्मदी में तीन और फूलबेहड़ में छह लाभार्थियों के पास आवास निर्माण कराने के लिए जमीन नहीं है। इससे विभाग इन लाभार्थियों के खाते में धनराशि नहीं भेज रहा है और आवास निर्माण में देरी हो रही है। परियोजना निदेशक रामकृपाल चौधरी ने मामले की रिपोर्ट डीएम को सौंपी, जिसके बाद डीएम ने संबंधित तहसीलों के एसडीएम को पत्र भेजकर लाभार्थियों को शीघ्रता से जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले भी 102 भूमिहीन लाभार्थियों को तहसील प्रशासन द्वारा जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। पीडी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए 250 वर्ग फुट जमीन चाहिए।
1973 आवास बनकर तैयार
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 9529 आवास बनाए जाने हैं, जिसके सापेक्ष 1973 आवास बनकर पूर्ण हो चुके हैं। जबकि 5109 लाभार्थियों को प्रथम किस्त, 4844 लाभार्थियों को द्वितीय किस्त और 3196 लाभार्थियों को तीसरी किस्त दी गई है।
सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों में से 129 के पास आवास बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हैै। तहसील प्रशासन को जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र डीएम द्वारा भेजा गया है। जमीन मिलने पर इन लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
रामकृपाल चौधरी, परियोजना निदेशक, डीआरडीए