पत्नी का आरोप-सख्ती कर रहे थे बैंक वाले
गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। मैलानी थाना क्षेत्र के ग्राम पटीसानगर ग्रंट नंबर तीन में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाला दीदार सिंह (40) कर्ज के भुगतान को लेकर परेशान था। पत्नी का आरोप है कि कर्ज के भुगतान के लिए बैंक वाले प्रताड़ित कर रहे थे जिससे वह परेशान।
दीदार सिंह के पिता बल्देव सिंह पुत्र संता सिंह ने 10 वर्ष पूर्व इलाहाबाद बैंक कुकरा से 5.67 लाख रुपये कर्ज लिया था। दीदार सिंह की मां के नाम भी बैंक का कर्जा था। माता और पिता दोनों की पिछले वर्ष मौत हो गई। दोनों भाइयों दीदार सिंह और ओमकार सिंह में तय हुआ कि दीदार सिंह पिता के नाम का और ओमकार सिंह मां के नाम का कर्जा अदा करेंगे। ओमकार सिंह ने तो मां के नाम का कर्जा अदा कर दिया, लेकिन दीदार सिंह पिता के नाम उसके जिम्मे का कर्जा अदा नहीं कर पाया। इधर दीदार सिंह के नाम जमीन आ जाने पर उसने अपने नाम से वर्ष 2018 में दो लाख रुपये कर्ज और ले लिया। गन्ने का भुगतान न मिलने और धान की उपज अच्छी न होने से दीदार सिंह आर्थिक रूप से तंग था। इलाहाबाद बैंक कुकरा के अधिकारियों ने वारिस पुत्र दीदार सिंह के नाम कर्जा ट्रांसफर कर तकाजा करना शुरू कर दिया। पत्नी परविंदर कौर का आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने उसके पति से कहा कि अगर कर्जे का भुगतान नहीं किया तो कृषि योग्य भूमि की नीलामी कर दी जाएगी। पत्नी ने आरोप लगाया कि उसे अब जानकारी मिली है कि 28 नवंबर को झाले पर आए बैंक अधिकारियों ने दीदार सिंह को प्रताड़ित किया था। इससे तंग आकर रविवार सुबह आठ बजे दीदार सिंह ने घर के कुंडे से रस्सी से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
दीदार सिंह की मौत से अनाथ हो गए बच्चे
ग्रंट नंबर तीन पटीसानगर निवासी दीदार सिंह की पत्नी परविंदर कौर के अलावा उसके परिवार में तीन बच्चे हैं। जिसमें बड़ा पुत्र 10 वर्षीय धरमेंदर सिंह, छोटा पुत्र सात वर्षीय हरमन सिंह और पांच वर्षीय पुत्री महकप्रीत कौर है। जिनका रोरोकर बुरा हाल है। भाई ओमकार सिंह से अलग रहने के कारण अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी दीदार सिंह पर ही थी।