ममरी (लखीमपुर खीरी)। मोहम्मदी रेंज की ककरहा बीट से सहजनिया ड्यूटी पर जा रहे वनरक्षक राजेश कुमार के सुंदरपुर गांव के पास सोमवार की शाम सामने बाघ देख होश उड़ गए। उन्होंने जैसे-तैसे बाइक भगाकर जान बचाई। बाद में गांव वालों के शोर मचाने पर बाघ झाड़ियों में चला गया। जिसकी पुष्टि फॉरेस्टर रामप्रसाद ने भी की।
मोहम्मदी महेशपुर वन क्षेत्र के देवीपुर बीट के गांव सुंदरपुर में सात दिन से बाघ की दहाड़ सुनने से गांव वाले दहशत में हैं बावजूद इसके वन विभाग के अधिकारियों ने कांबिंग नहीं कराई है। वनरक्षक राजेश कुमार ने बताया कि वह सोमवार शाम करीब आठ बजे बाइक से वन चौकी जा रहे थे। तभी बाघ सामने आ गया, ग्रामीणों ने शोर मचाया, जिस पर बाघ झाड़ियों में चला गया। उन्होंने किसी तरह बाइक भगाकर जान बचाई। इस संबंध में सुंदरपुर के ग्रामीणों का कहना है कि बाघ के सात दिनों से झाड़ी में मौजूद होने और अब उसके वनरक्षक के सामने आ जाने के बाद भी वन अधिकारी बाघ को जंगल में खदेड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार की शाम देवीपुर बीट जंगल से दो किलोमीटर दूर बसखेड़ा गांव के पास सरदार बलवीर सिंह के झाले में बाघ ने खेत में घास चर रहे बछड़े पर हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया। बलबीर सिंह ने इसकी सूचना तुरंत वन कर्मियों को दी। फॉरेस्टर रामप्रसाद का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। एसटीपीएफ जवान कांबिंग कर रहे हैं।
वनरक्षक के सामने बाघ आज जाने और बसखेड़ा में बछड़े को निवाला बनाने की जानकारी मिली है। सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। बुधवार से सघन कांबिंग अभियान चलाकर झाड़ी में छिपे बाघ को जंगल में खदेड़ने का प्रयास किया जाएगा।
-मोबीन आरिफ, वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मदी महेशपुर वन रेंज