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अनुसूचित जाति आयोग ने मांगा जवाब..बच्चों ने खाना क्यों नहीं खाया

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तिकुनिया (लखीमपुर खीरी)। उच्च प्राथमिक विद्यालय जसनगर क्योंटली के कुछ बच्चों के अनुसूचित जाति की रसोइया का बनाया खाना न खाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। इस मामले को लेकर अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने बीएसए से जवाब मांगा, तो महकमे के अधिकारी भी हलकान हो गए। गुरुवार को बीएसए के निर्देश पर बीईओ सदर रामजनक वर्मा और एमडीएम समन्वयक ऋतुराज सिंह स्कूल पहुंचे और गहराई से छानबीन की। उन्होंने प्रधानाध्यापक और अभिभावकों को स्कूल बुलाकर मामले की जानकारी ली। इसी दौरान मध्यावकाश में फिर कुछ बच्चे घर से खाना लाकर खाते देख टीम ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने साफ कह दिया कि उन्हें स्कूल का खाना पसंद नहीं है, इस कारण वह घर से टिफिन ला रहे है।
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गौरतलब हो कि स्कूल के कुछ बच्चों ने 18 व 19 नवंबर को मिड डे मील खाने से इंकार कर दिया था। बताया गया कि दो दिन पहले अनुसूचित जाति की रसोइया को रखा गया है उसी से खाना बनवाया जा रहा है। मामले की जानकारी पर अमर उजाला ने 20 नवंबर के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर बीएसए बुद्धप्रिय सिंह ने एबीआरसी को स्कूल भेजकर मामले की जांच कराने के साथ ही रसोइया चयन के प्रस्ताव के अभिलेख भी कब्जे में ले लिए थे।
इधर, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने इस मामले में बीएसए से जवाब मांगा है। इसके बाद बीएसए के निर्देश पर स्कूल पहुंचे बीईओ सदर और एमडीएम समन्वयक ने प्रधानाध्यापक इस्लामुद्दीन से जानकारी ली, फिर बच्चों के बयान पर उनके अभिभावकों को स्कूल बुलाकर पूछताछ की। अभिभावकों ने बताया कि रसोइया चयन को लेकर कुछ बच्चे खाना नहीं खा रहे हैं, जिसकी शिकायत भी स्कूल में की थी। ग्राम प्रधान अमरजीत कौर के पति बलकार सिंह ने कहा कि स्कूल में पांच रसोइया थी, जिसमें दो रसोइयों के बीमार पड़ने पर दो नई रसोइया का चयन किया गया है। सोमवार को ही दोनों नई रसोइया स्कूल में खाना बनाने आईं थीं। इसके बाद से खाना खाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। इस बीच स्कूल में काफी अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, लेकिन अब मामला सुलझा रहे हैं। करीब दो घंटे स्कूल में जांच पड़ताल के बाद अधिकारी लौट गए।
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‘स्कूल का खाना अच्छा न लगने पर लाए टिफिन’
स्कूल में मौजूद बच्चों ने टीम के सामने साफ कहा कि उन्हे स्कूल का खाना अच्छा नहीं लगता इस कारण वह अपने घर से टिफिन लेकर आते हैं। खाना क्यों अच्छा नहीं लगता इस पर वह चुप्पी साध गए।
अनुसूचित जाति आयोग ने जवाब मांगा है, जिसके लिए बीईओ सदर और एमडीएम जिला समन्वयक को जांच अधिकारी नामित करके विद्यालय भेजा गया था। हाईकोर्ट के चलते बाहर था। शुक्रवार को मामले की रिपोर्ट अनुसूचित जाति आयोग को भेजी जाएगी।
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-बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए
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