लखीमपुर खीरी। शासन ने 15 नवंबर 2019 तक सभी ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों, लिंक मार्गों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए थे। इसके लिए जिले से प्रस्तावित बजट की डिमांड भी हुई थी। शासन ने करीब 30 फीसदी बजट स्वीकृत कर दिया, लेकिन विभाग को अब तक फूटी कौड़ी नहीं मिली है। इसके बावजूद विभागीय अफसरों ने टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर 70 फीसदी गड्ढे भरने का दावा किया है।
डिवीजन प्रांतीय खंड क्षेत्र में 441 किमी ग्रामीण सड़क मार्ग पर गड्ढे भरे जाने हैं। इसके लिए एक्सईएन ने 143.67 लाख रुपये की डिमांड की थी, जिसके सापेक्ष 45 लाख रुपये स्वीकृत हुए पर अब तक पैसा नहीं मिला है। निर्माण खंड एक क्षेत्र में 343.66 किमी ग्रामीण मार्ग पर गड्ढे भरे जाने हैं। इस कार्य के लिए 170.46 लाख रुपये की डिमांड की गई, लेकिन 63 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यहां भी बजट के नाम पर अभी धेला नहीं मिला। इसी तरह निर्माण खंड तीन क्षेत्र के 193.71 किमी ग्रामीण मार्ग में गड्ढे भरने के लिए 77.49 लाख रुपये की डिमांड की गई है। इसके सापेक्ष विभाग से 59 लाख रुपये बजट स्वीकृत हुआ है, लेकिन अब तक धनराशि नहीं मिली है। तीनों डिवीजनों के अधिकारियों ने गड्ढे भरवाने का काम जारी होने की बात कही है।
एक्सईएन के मुताबिक ठेकेदार ने काम शुरू कर दिया है, जिसे बाद में भुगतान किया जाएगा। तब तक ठेकेदार के जिम्मे ही गड्ढों को भरने की जिम्मेदारी है। ऐसे हालात में समझा जा सकता है कि बिना बजट के 15 नवंबर तक गड्ढे कैसे भरे गए होंगे। मामला प्रदेश सरकार के आदेश का है, लिहाजा अधिकारी खुलकर कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं।
गड्ढा मुक्त अभियान बना केवल वादों का खेल
गोला गोकर्णनाथ। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान महज वायदों का खेल बनकर रह गया है। नगर और क्षेत्र के प्रमुख मार्ग हो या लिंक मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं, जिनसे निकलना दूभर हो रहा है। इन मार्गों से न केवल जनता बल्कि अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि भी गुजरते हैं। लग्जरी गाड़ियों में शायद इन गड्ढों के झटकों का आभास उन्हें नहीं होता, लेकिन आम जनता हिचकोले खाने को विवश है।
वर्षों से जर्जर है अलीगंज मार्ग
अलीगंज रोड पर रेलवे क्रॉसिंग से लेकर सेंट्रल वेयर हाउस तक करीब 500 मीटर हिस्सा वर्षों से गहरे गड्ढों में तब्दील है। इसी मार्ग पर कृषि उत्पादन मंडी समिति है। स्थानीय गोला विधायक, कृषि उत्पादन मंडी समिति में तहसीलदार आवास, अलीगंज होते हुए लोग लखीमपुर, भीरा, पलिया होते हुए नेपाल तक की यात्रा करते हैं।
गड्ढों से भरा पुनर्भूग्रंट का संपर्क मार्ग
नगर के निकटवर्ती बांकेगंज ब्लॉक पंचायत पुनर्भूग्रंट को अलीगंज रोड से जाने वाला एक मात्र लिंक मार्ग गड्ढों से भरा है। यह मार्ग ग्राम पंचायत की करीब आठ हजार आबादी का प्रमुख मार्ग है। जहां कई स्कूल, कॉलेज भी हैं, जिनसे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
मुल्लापुर-लोदियापुर मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे
जंगबहादुरगंज। लोदियापुर-मुल्लापुर मार्ग चलने लायक नहीं है। मार्ग में भारी गड्ढे हो गए हैं, जिससे आए-दिन दुर्घटनाएं होती हैं। मुल्लापुर, पतवन, रामपुर रामदास, अभयपुर गांवों को गन्ना इसी मार्ग से होकर जाता है, जिससे किसानों को खासी परेशानी हो रही है। मुल्लापुर निवासी आशीष, शालिनी ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
लिंक रोड पर अब तक नहीं हुआ कार्य
महंगापुर। महंगापुर से परसपुर और लगदहन को जाने वाली लिंक रोड काफी जर्जर हालत में पहुंच गई है। इसका कारण है कि तीन माह पूर्व यहां एक ट्रक पत्थर रोड पर डालने के लिए आया था, लेकिन उसके बाद से कोई कार्य प्रगति पर न होने के कारण यहां रोड पर पानी भर जाता है। जिससे निकलने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। पत्थर पड़ने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती हैं।
रास्ते, जिनसे गुजरना यानी मौत को दावत देना
सुंदरवल। लखीमपुर-पलिया हाईवे पर जगह-जगह गढ्ढे बने हैं। अक्सर इन गड्ढों में गिरकर लोग घायल हो जाते हैं। पिछले माह बाइक से गिरकर एक महिला की मौत भी हो चुकी है। वहीं, दुधवा नेशनल पार्क का नया सत्र शुरू हो चुका है। देश विदेश से पर्यटक लखीमपुर-पलिया मार्ग होकर पार्क तक आते जाते है। भारत को नेपाल से जोड़ने वाला पलिया हाईवे बदहाली पर रो रहा है। सुंदरवल से पिपरी चौराहा जाने वाला मुख्य मार्ग हो या फूलबेहड़ ब्लॉक मुख्यालय से राजापुर होते हुए देवरिया से सिकटिहा के पास पलिया हाइवे को जोड़ता मार्ग सभी की हालत खस्ता है।
ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के गड्ढे भरने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने के बाद काम शुरू कराया जा चुका है। अब तक 70 प्रतिशत गड्ढों को भरा जा चुका है। बजट की कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि ठेेकेदार को भुगतान किया जाना है।
- नरेंद्र कुमार यादव, एक्सईएन, प्रांतीय खंड