लखीमपुर खीरी। जिले में बालू की किल्लत से छुटकारा मिलेगा और अवैध बालू खनन पर लगाम लग सकेगी। क्योंकि शासन ने दो जगहों पलिया और धौरहरा में बालू खनन के लिए पट्टा आवंटित कर दिए हैं। बता दें कि एक माह पहले जिले में अवैध खनन का मुद्दा छाने पर प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया को दखल देना पड़ा था, जिसके बाद दर्जनों ट्रैक्टर ट्रॉलियां पकड़कर कार्रवाई की गई थी।
सरकारी और गैर सरकारी निर्माण कार्यों के लिए बालू की भारी डिमांड रहती है, जिसकी आपूर्ति प्रमुख रूप से शारदा, गोमती आदि नदियों से की जाती है। जनपद में बालू खनन के लिए छह स्थान चिह्नित हैं, जो सदर तहसील के सर्वा और शिवपुरी, धौरहरा तहसील के मूड़ी, पलिया के अतरिया गांव के पास, निघासन के मांझा और मोहम्मदी में स्थित हैं। अभी तक वैध रूप से सदर तहसील के ब्लॉक फूलबेहड़ में सर्वा गांव में शारदा नदी से और मोहम्मदी में गोमती नदी से बालू खनन का कार्य चल रहा है। जबकि अन्य जगहों से अवैध खनन की शिकायतें आ रही थीं, जिसको लेकर पिछले माह कार्रवाई की गई। इससे बालू के रेट दोगुने से भी अधिक हो गए थे। जिला प्रशासन ने निघासन, पलिया और धौरहरा समेत चार स्थानों पर खनन के पट्टे देने के लिए टेंडर निकाले थेे। इनमें से धौरहरा और पलिया में खनन के पट्टे शासन ने आवंटित कर दिए हैं। जबकि निघासन के लिए किसी ने टेंडर ही नहीं डाला था। इसके अलावा सदर तहसील के शिवपुरी में बालू खनन का पट्टा कई माह पहले आवंटित हो चुका है, लेकिन तकनीकी कारणों से यहां खनन शुरू नहीं हो पाया है।
जिले में बालू खनन के छह स्थान निश्चित हैं। इनमें से दो स्थानों पर खनन चालू है। अब शासन ने दो पट्टे पलिया और धौरहरा में आवंटित कर दिए हैं। इससे बालू की किल्लत दूर होगी और लोगों को निर्माण कार्य के लिए रियायती दर पर बालू मिल सकेगी।
शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम