लखीमपुर खीरी। शहर के विभिन्न चौराहों से सवारियां बैठा रहे डग्गामार वाहनों को लेकर रोडवेज की अनुबंधित बसों के मालिक सोमवार को एआरटीओ और कोतवाली पुलिस के खिलाफ लामबंद हो गए। इस दौरान बस मालिकों ने रोडवेज बस अड्डे के आगे बसों को खड़ा कर रोड जाम कर दी, जिससे करीब तीन घंटे तक बसों का संचालन बंद रहा, जिससे मुसाफिरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। आरटीओ ने जब मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर बस मालिकों ने जाम खोला।
जिले से लखनऊ और बरेली ही नहीं बल्कि दिल्ली, पंजाब आदि राज्यों के लिए डग्गामार बसें संचालित हो रही हैं। इन बसों के चालक संकटा देवी चौकी के निकट, रेलवे स्टेशन के सामने, एलआरपी एवं राजापुर चौकी के सामने से सवारियां बैठाते हैं। इससे एक ओर जहां परिवहन निगम को राजस्व की क्षति हो रही है तो वहीं अनुबंधित बसों की कमाई कम होने से बस मालिक के देयकों से निगम कटौती करवा रहा है। जिससे बस मालिकों में आक्रोश है। ऐसे में बस मालिक समय समय पर डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करते रहे हैं। मगर, न तो जिला प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है और न ही एआरटीओ प्रवर्तन।
जब कभी चक्का जाम हुआ तो अधिकारियों ने बस मालिकों को कार्रवाई का आश्वासन देकर सिर्फ गुमराह करने का काम किया। करीब सप्ताह पहले भी बस मालिकों ने बसों का संचालन बंद कर दिया था। इस पर एसडीएम सदर, कोतवाल और एआरटीओ ने कार्रवाई करने की बात कही थी। इस पर अनुबंधित बस मालिकों ने सोमवार को रोडवेज बस अड्डे के सामने बसों को खड़ा कर रोड जाम कर दी। जिसे खुलवाने पहुंचे शहर कोतवाल अजय प्रकाश मिश्रा की बस मालिकों से कई बार झड़प भी हुई। करीब तीन घंटे तक जाम के कारण मुसाफिरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंचे एआरटीओ रमेश कुमार चौबे ने एक बार फिर से कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
डग्गामार वाहनों को लेकर बस मालिकों ने हड़ताल की है। इन पर अंकुश लगाने के लिए कई बार एआरटीओ को पत्र लिखा गया। उनके ध्यान न देने पर बस मालिक धरने पर बैठ गए।
-एके सिंह, यातायात निरीक्षक एवं प्रभारी एआरएम
इस पखवाड़े में नौ बसों पर कार्रवाई की गई है। एलआरपी पर पुलिस की व्यवस्था की जाएगी, जिससे डग्गामार वाहन सवारियां न बैठा सकें।
-रमेश कुमार चौबे, एआरटीओ
खिचड़ी भोज पर सीतापुर स्थित मायके जा रही थी। अचानक बीच रोड पर बस खड़ी करके चालक हड़ताल में शामिल हो गया । एक घंटे तक हड़ताल खत्म होने का इंतजार किया।
-रीना निवासी अर्जुनपुरवा
पत्नी बेहजम ब्लॉक में शिक्षिका है। उसी के मातृत्व अवकाश के लिए बीएसए कार्यालय आया था। घर वापस जाने के लिए बस में सवार हुआ। मगर, बस मालिकों के हड़ताल कर देने पर चालक बस खड़ी करके चले गए ।
-रंजीत सिंह निवासी चंदौली