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धनतेरस के स्वागत को शहर का बाजार तैयार

Sun, 08 Nov 2015 07:59 PM IST
लखीमपुर खीरी
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धनतेरस के लिए बाजार पूरी तरह सज गया है। रविवार को पूरे दिन दुकानदार अपनी दुकानों को सजाने संवारने में जुटे रहे। बर्तनों की दुकानें चमचमा उठीं तो सर्राफे की दुकानों की आकर्षक ढंग से साज सज्जा की गई है। इन्हें बिजली की रंग बिरंगी झालरों और फूलों की लड़ियों से सजाया गया है। सड़क किनारे लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और मिट्टी के दीयों की दुकानें सज गई हैं। धनतेरस के एक दिन पहले ही बाजार में काफी भीड़ रही इसके कारण कई बार जाम लगा। इससे लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ीं। मैलानी। धनतेरस से पहले बाजार में चहल-पहल बढ़ गई। बर्तनों की दुकानें सज गईं हैं। इस बार समय से धान कट गया है, लिहाजा किसानों की जेब गरम है। दुकानदारों का अनुमान है कि इस बार बर्तनों की बिक्री अच्छी होगी। काफी समय से सूने चल रहे बाजार में धनतेरस के ने रौनक ला दी है। इससे दुकानदारों के चेहरों पर चमक दिखाई देने लगी है।
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सर्राफा और बर्तन बाजार सजा
धनतेरस के दिन लोग धातु के बर्तन, सोने और चांदी के जेवरात और सिक्के खरीदना शुभ मानते हैं। इसके चलते सर्राफे की दुकानों को सुगंधित फूलों की लड़ियों और बिजली की रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया है। सोने चांदी के जेवरातों की खरीद पर निर्माण व्यय में 25 से 50 फीसदी तक की छूट का ऑफर दिया जा रहा है। सोने और चांदी के रेट कम होने के कारण इस धनतेरस पर सर्राफे का अच्छा व्यवसाय होने की उम्मीद है। ग्राहकों के स्वागत के लिए पूरा बाजार जगमगाता नजर आ रहा है।
फुटपाथ पर सजीं गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां
धनतेरस के दिन ही लोग गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां खरीदना पसंद करते हैं। इसके चलते मेन रोड, मेला रोड, संकटादेवी रोड, बस स्टेशन रोड, खीरी रोड के फुटपाथ और राजकीय इंटर कॉलेज मैदान के पास और जनता धर्मशाला के पीछे आकर्षक गणेश लक्ष्मी की मूर्तियों की दुकानें सज गई हैं। बाजार में इस बार मिट्टी, चीनी मिट्टी और प्लास्टर आफ पेरिस की मूर्तियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। 20 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक की मूर्तियां बाजार में उपलब्ध हैं।
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इस बार बढ़ा मिट्टी के दीयों का क्रेज
वातावरण में बढ़ते प्रदूषण के चलते इस बार लोगों ने ईको फ्रेंडली दिवाली मनाने का मन बनाया है। इसके चलते बिजली की झालरों और मोमबत्तियों की अपेक्षा मिट्टी के दीयों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। मिट्टी के दीये बनाने वाले कारीगरों ने एक बत्ती, तीन बत्ती, और पांच बत्ती वाले आकर्षक दीये बनाने के साथ पांच, सात, ग्यारह और पंद्रह दीपकों का सुंदर गुलदस्ता सा तैयार किया है। जब यह दीपक एक साथ जलेंगे तो काफी आकर्षक लगेंगे। इस धनतेरस पर मिट्टी के दीयों की रिकार्ड बिक्री होने की उम्मीद है।
बाजार में भीड़ के चलते सड़कों पर कई बार लगा जाम
बाजार में खरीदारी करने को उमड़ी भीड़ के चलते सड़कों पर कई बार जाम लगा। दिवाली के पहले का रविवार होने कारण बाजार में कुछ ज्यादा ही भीड़ रही। मेन रोड और संकटादेवी रोड पर सबसे ज्यादा भीड़ रही। इसके चलते बाजार में कई बार जाम लगा। लोगों को सड़क पार करने में काफी दिक्कत उठानी पड़ी। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था रविवार को पूरी तरह लचर नजर आई।
ट्रेनों, बसों में बढ़ी भीड़
मैलानी। धनतेरस और दिवाली के चलते ट्रेनों और बसों में भी खूब भीड़ रही। त्योहार की छुट्टी होने की वजह से दूरदराज क्षेत्रों में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की भी घर वापसी होने की वजह से ट्रेनों में भीड़ रही। रविवार से स्कूलों में त्योहार की छुट्टियां हो गई हैं लिहाजा स्कूली बच्चों की संख्या ट्रेनों, बसों में ज्यादा दिखाई दी। इसके अलावा बाहर रहकर मजदूरी करने वाले इलाकाई लोगों की भी घर वापसी शुरू हो गई है। इससे भी ट्रेनों में भीड़ नजर आ रही है।
दिवाली के चलते खूब हो रही बिक्री
पलियाकलां। दिवाली को लेकर बाजार में रौनक आ गई है। मूर्तियों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ जमा होने लगी है जिससे दुकानदारों के चेहरे खिल उठे हैं। इसके साथ ही शक्कर  के खेल, खिलौने, लाइया, खील, चिड़वे की बिक्री भी खूब बढ़ गई है और इससे उनके बनाने वालों में खुशी का माहौल है।
गोला में दिवाली के लिए बाजार हुए गुलजार
गोला गोकर्णनाथ। दिवाली की तैयारियां जोरों पर हैं, लोगों ने साफ-सफाई कर घरों दुकानों को सजाकर माता लक्ष्मी और श्री गणेश के स्वागत की तैयारियां कर ली हैं।
ममरी। दिवाली करीब आते ही बजारें मिट्टी के दीयों से पट गई है लेकिन बिजली की झालरों की भरमार से कुम्हारों की दुकानों पर   सन्नाटा पसरा है।
संसारपुर। दिवाली निकट आते ही बाजार में चहल-पहल बढ़ने लगी है। मोमबत्ती, देवी देवताओं के चित्रों की दुकाने सजने लगी हैं। ग्राम झाला निवासी मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से मोमबत्ती की दुकान लगा रहे हैं। गत वर्ष से इस वर्ष मोमबत्ती की थोक मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत की कमी आई है।
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