एसडीएम पलिया को बनाया गया जिला खरीद अधिकारी
सरकारी एजेसियां एक अप्रैल से गेहूं खरीद करेंगी, लेकिन अभी तक सारे इंतजाम कागजी हैं। इस बार सरकारी एजेंसियों ने कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुए पिछले वर्ष से 22 क्रय केंद्रों को कम कर दिया है। जिससे 132 क्रय केंद्र ही खोले जाने की संस्तुति की गई है। जबकि पिछले वर्ष 154 क्रय केंद्र खोले गए थे। खरीद शुरू करने के लिए एजेंसियों ने अभी सिर्फ कागजी खानापूर्ति की है, क्योंकि प्रदेश सरकार ने अभी क्रय नीति घोषित नहीं की हैै और न ही लक्ष्य तय किया जा सका है।
सरकार ने किसानों से खरीद के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। नौ एजेंसियां गेेेहूं खरीद करेंगी, जिसके लिए जिले भर में 132 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिला खाद्य विपणन विभाग ने एजेंसियों को संबंधित क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। जबकि प्रदेेश सरकार ने अभी क्रय नीति जारी नहीं की है, जिससे खरीद शुरू होने में देरी के कयास लगाए जा रहे हैं। बताते चलें कि पिछले वर्ष भी देरी से क्रय नीति जारी की गई थी। लिहाजा इस बार भी एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होने की उम्मीदें काफी कम हैं, क्योंकि एजेंसियां भी क्रय केंद्रों को खोलने में हीला हवाली कर रही हैैं। खास बात यह है क्रय केंद्रों की संख्या कम होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में मशक्कत करनी पड़ सकती है। विभाग के मुताबिक विपणन विभाग के चार क्रय केंद्र, पीसीएफ के 71, एसएफसी के छह, यूपीएसएस के 22, एनसीसीएफ के छह, कर्मचारी कल्याण निगम के 10, एग्रो के दो, एफसीआई के पांच और नैकाफ के छह क्रय केंद्र खोले जाएंगे।
अभी पालिसी का इंतजार किया जा रहा है। ताकि गेहूं खरीद करने के लिए तय मानकों का निर्धारण किया जा सके। क्रय केंद्रों को एक अप्रैल से खोल दिया जाएगा, जिसके लिए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैैं।
-अर्जुन प्रसाद पाठक, जिला खाद्य विपणन अधिकारी