132केवीए सीतापुर-लखीमपुर बिजली लाइन के अनुरक्षण कार्य के लिए रविवार को दिन में पांच घंटे के लिए की गई कटौती लोगों पर भारी पड़ गई। कटौती के बाद जब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली सप्लाई का समय आया तो सिस्टम कंट्रोल ने दो घंटे अतिरिक्त इमरजेंसी कटौती लागू कर दी। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को पेयजल सप्लाई भी नहीं मिल पाई।
बता दें कि मुख्य लाइन के अनुरक्षण कार्य की वजह से छाउछ उपकेंद्र से संचालित नई बस्ती, गढ़ी, ईदगाह, रेवाही, मितौली, बेहजम, कैमहरा, बसैगापुर, शारदानगर और ओयल, 132 केवीए पलिया से संचालित निघासन, तिकुनियां और धौरहरा से संचालित धौरहरा और ढखेरवा उपकेंद्र पर बिजली कटौती होनी थी। इसे लेकर बिजली विभाग ने कटौती के लिए दिन में 11 बजे से लेकर शाम चार बजे समय भी निर्धारित किया गया था। लेकिन रविवार को चार बजे के बाद महज दो मिनट के लिए बिजली आई और उसके बाद इमरजेंसी बताकर कटौती का समय शाम साढ़े छह बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया। बिजली कटौती की वजह से नगर पालिका के ट्यूबवेल नहीं चल पाए, जिस कारण शहर वासियों को पानी की समस्या से जूझना पड़ा। वहीं शहर के लघु उद्योग धंधे भी बिजली की कटौती से बंद पड़े रहे।
जेई मनोज पुष्कर ने बताया कि बिजली लाइन के अनुरक्षण कार्य का समय पहले से निर्धारित था। लेकिन अतिरिक्त दो घंटे की इमरजेंसी रोस्टिंग की सूचना बाद में आई है। बिजली कटौती का समय सिस्टम कंट्रोल तय करता है, इससे यहां से कोई मतलब नहीं होता है।