गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। छोटी काशी के नाम से विख्यात गोला गोकर्णनाथ को पर्यटन स्थल घोषित करने की कवायद फिर शुरू हो गई है। जिसको लेकर विधायक अरविंद गिरि 28 फरवरी को लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलकर इस संबंध में प्रस्ताव दे चुके हैं, जिस पर सीएम ने आश्वासन भी दिया है। आशा है कि जल्द ही सर्वे भी शुरू हो सकता है।
यहां चैत्र मास में दशकों से चैती मेला लगता चला आ रहा है। इसी तरह सावन भर श्रद्धालु यहां आकर शिव आराधना करते हैं। इसी तरह इस नगर के चारों ओर रमणीय जंगल के साथ पूरब में लिलौटीनाथ मंदिर, पश्चिम में अहमदनगर स्थित क्लेश हरण मंदिर, दक्षिण में बाबा टेढ़ेनाथ मंदिर और उत्तर में मड़हा बाबा का प्रसिद्ध स्थान हैं, जहां शिवलिंग स्थापित है। इसके अलावा राष्ट्रीय उद्यान दुधवा टाइगर रिजर्व के लिए भी कई रास्ते यहां से होकर निकलते हैं। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही पर्यटन नगरी की घोषणा के लिए सर्वे शुरू हो सकता है। विधायक अरविंद गिरि का कहना है कि नगर को पर्यटन स्थल घोषित कराने के साथ ही नया बाईपास और रिंग रोड का निर्माण उनका सपना है।
यह होगा फायदा
श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लुभाने के लिहाज से नगर और क्षेत्र का विकास होगा, व्यापार बढ़ेगा, जिससे रोजगार के संसाधन बनेंगे, नई ट्रेनें और बसों का संचालन होगा, पार्किंग ठेका आदि से नगर पालिका परिषद की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
जिला प्रशासन स्तर पर चल रही है कवायद
नगर को पर्यटन स्थल घोषित कराने के लिए जिला प्रशासन स्तर पर भी कवायद चल रही है। विधायक अरविंद गिरि ने भी छह महीने पहले प्रस्ताव दिया था। एसडीएम अखिलेश सिंह यादव ने भी इस प्रस्ताव पर सर्वे कराकर एक रिपोर्ट डीएम को भेजी है। एसडीएम का कहना है कि यह नगरी पर्यटन स्थल के लिहाज से परिपूर्ण है।
कब-कब उठी मांग
वर्ष 1996 में विधायक बनने के बाद पहली बार अरविंद गिरि ने इस मुद्दे को उठाया, वर्ष 2000 में तत्कालीन सहकारिता मंत्री दिवंगत रामकुमार वर्मा ने इस मांग को उठाया, वर्ष 2004 में सपा सरकार में अरविंद ने एक बार फिर यह पुरजोर मांग उठाई और सर्वे हुआ, वर्ष 2014 में सपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने नगर आगमन के दौरान पर्यटन नगरी घोषित कराने का आश्वासन दिया, वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद विधायक गिरि ने इस मुद्दे को उठाना शुरू किया।