शहीद नसीरुद्दीन मेमोरियल मैदान (विलोबी) में धरना देते सीएचओ। संवाद
लखीमपुर खीरी। सात दिन से चल रहा सीएचओ का धरना शुक्रवार को 17 मांगों पर सहमति बनने के बाद खत्म हो गया। सीएमओ संतोष गुप्ता ने आश्वासन दिया कि कुछ लंबित भुगतान सात दिन और बाकी भुगतान 15 दिन के भीतर कराए जाएंगे।
ऑनलाइन उपस्थिति और लंबित भुगतान समेत करीब 12 मांगों को लेकर सीएचओ सात दिन से सीएमओ कार्यालय में धरने पर बैठे थे। छठे दिन सीएमओ ने परिसर में धरना देने से मना करते हुए कार्रवाई की बात कही थी। शुक्रवार को सीएचओ शहीद नसीरुद्दीन मेमोरियल हॉल (विलोबी) में धरने पर बैठे। शाम को उनकी मांगों पर सहमति बन गई।
सीएचओ यूनियन उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष सोहन सिंह ने बताया कि करीब सात दिन पहले 12 मांगों को लेकर धरना शुरू किया गया था। धरने के दौरान मांगें बढ़कर 17 हो गईं। शुक्रवार को सीएमओ ने सभी 17 मांगों पर सहमति जताई। उन्होंने कुछ भुगतान सात दिन और अन्य लंबित भुगतान 15 दिन में कराने का आश्वासन दिया। ऑनलाइन हाजिरी न लगाने पर भी सहमति जताई गई है।
इस दौरान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह, जिला महिला अध्यक्ष अनुपम राजवंशी, जिला महामंत्री विश्वजीत यादव, जिला उपाध्यक्ष दीपा धामी सहित सैकड़ों सीएचओ मौजूद रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा था हड़ताल का असर
सीएचओ के कार्य बहिष्कार का असर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई दे रहा था। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ मरीजों की ओपीडी करते हैं। मरीजों को टेलीमेडिसिन की सुविधा भी दी जाती है। इसके अलावा एनसीडी में भी सीएचओ की अहम भूमिका रहती है।