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डीएम की नोटिस का भी चीनी मिलों पर नहीं कोई असर

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लखीमपुर खीरी। किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का चार चीनी मिलें गोला, पलिया, खंभारखेड़ा और ऐरा भुगतान नहीं कर रही हैं, जिनके यूनिट हेड को 10 दिन पहले डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने नोटिस जारी कर जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके चारों चीनी मिलों ने किसानों को भुगतान करने में तेजी नहीं लाई है। मिल मालिकों और यूनिट हेड के इस रवैये से लॉकडाउन के मुश्किल दौर में लाखों किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। जबकि इन चार मिलों पर किसानों का 18 अरब 73 करोड़ 77 लाख रुपये बकाया हो चुका है। सभी नौ चीनी मिलों पर कुल 24 अरब 77 करोड़ 64 लाख रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
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डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने 19 अप्रैल 2020 को गोला, पलिया, खंभारखेड़ा और ऐरा चीनी मिल के यूनिट हेड को नोटिस देकर जल्द ब्याज सहित गन्ना मूल्य का भुगतान करने के आदेश दिए थे। तब चारों मिलों पर 16 अरब 18 करोड़ पांच लाख रुपये से अधिक गन्ना मूल्य बकाया था, जो अब बढ़कर 18 अरब 73 करोड़ 77 लाख रुपये से अधिक हो गया है। जबकि डीएम ने नोटिस के माध्यम से चेतावनी भी दी थी कि शीघ्र भुगतान न हुआ, तो संबंधित मिलों के यूनिट हेड के खिलाफ विधिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद मिल यूनिट हेड ने किसानों को भुगतान करने में रुचि नहीं दिखाई है। वहीं कोरोना के चलते एक माह से लॉकडाउन होने से किसान पैसों के संकट से जूझ रहे हैं।
10 दिन बाद भी भुगतान प्रतिशत स्थिर
पांच माह पूर्ण करने के बाद पेराई सत्र समाप्ति की ओर अग्रसर है। भुगतान प्रतिशत की बात करें तो गोविंद शुगर मिल ऐरा ने कुल बकाया गन्ना मूल्य के सापेक्ष 3.81 प्रतिशत भुगतान किया हैै। बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड की पलिया मिल ने कुल बकाया के सापेक्ष 2.64 प्रतिशत और खंभारखेड़ा मिल ने 8.31 प्रतिशत भुगतान किया है। इसी बजाज ग्रुप की गोला मिल ने कुल बकाया गन्ना मूल्य के सापेक्ष 11.43 प्रतिशत भुगतान किया है।
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नोटिस के समय यह थी स्थिति
गोविंद शुगर मिल्स ऐरा ने कुल बकाया गन्ना मूल्य के सापेक्ष सिर्फ 3.95 प्रतिशत ही भुगतान किया था। बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड पलिया ने कुल बकाया के सापेक्ष 2.88 प्रतिशत भुगतान किया था। खंभारखेड़ा मिल ने 8.24 प्रतिशत भुगतान किया था। इसी तरह बजाज की ही गोला मिल ने कुल बकाया गन्ना मूल्य के सापेक्ष 10.05 प्रतिशत भुगतान किया था।
इन चारों मिलों की बराबर निगरानी की जा रही है। पेराई प्रारंभ करने की तिथि से गन्ना खरीद के 14 दिन के अंदर भुगतान नहीं किया जा रहा है, जो कि उत्तर प्रदेश गन्ना (पूर्ति तथा खरीद विनियमन) अधिनियम 1953 के तहत नियमावली का उल्लंघन है। लॉकडाउन में किसानों की समस्याओं को देखते हुए जल्द भुगतान करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन मिल यूनिट हेड ने डीएम की नोटिस पर लापरवाही दिखाई है। इससे जल्द ही इन मिलों के यूनिट हेड के खिलाफ विधिक और दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
भुगतान में देरी करने वाली चार मिलों के यूनिट हेड को नोटिस देकर जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए थे। जल्द ही इन मिलों के भुगतान की समीक्षा की जाएगी, जिसमें इनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है, इस पर विचार किया जाएगा।
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- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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