लखीमपुर खीरी। बाढ़ कटान के चलते जहां कई स्कूल अपना वजूद खो चुके हैं, वहीं कई में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। इससे परिषदीय स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। जानकारी होने के बाद भी उक्त स्कूलों के बच्चों को दूसरे स्कूलों में अटैच नहीं किया गया है। हालांकि, अफसरों का कहना है कि शिक्षकों को आसपास के स्कूलों में अटैच कर दिया गया है। बच्चों को दूसरे स्कूल क्यों नहीं भेजा जा रहा, इसका जवाब नहीं मिल रहा है।
फूलबेहड़ में बाढ़ से घिरे 18 स्कूलों में ताला
महेवागंज। फूलबेहड़ क्षेत्र में तटबंध के अंदर बसे करीब दो दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में है। पानी से घिरे गांवों के स्कूलों में ताला पड़ा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, स्कूल के शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में अटैच किया गया है। हालांकि अधिकारी इनकी संख्या और जगह नहीं बता रहे। अभिभावकों का कहना है कि जब शिक्षकों को अटैच किया जा सकता है, तो बच्चों को क्यों नहीं। फूलबेहड़ के नागेंद्र चौधरी ने बताया बाढ़ मे घिरे होने से प्राइमरी और यूपीएस समेत डेढ़ दर्जन स्कूल बंद है। जब बाढ़ उतरेगी तब स्कूल संचालित होगा।
बिजुआ ब्लाक के बाढ़ग्रस्त विद्यालयों में हालात खराब, पढ़ाई चौपट
बिजुआ। शनिवार को पड़ताल में सामने आया है कि भिजवा के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। शिक्षण कार्य लगभग थम गया है। पानी भरे होने के चलते बच्चे विद्यालय तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। जहां बच्चे पहुंचते हैं, वहां बैठने की जगह नहीं बची। विद्यालयों की रसोई में पानी भरा होने के चलते एमडीएम नहीं बन पा रहा है। कोरियाना का विद्यालय शारदा नदी में समा चुका है। यहां पंजीकृत 40 बच्चे भटक रहे हैं। दूसरे स्कूल में अटैच न होने के चलते बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। बेलहा सिकटिहा विद्यालय लगभग बीस दिन से बंद है। तनसुखपुरवा का स्कूल भी बंद मिला, जबकि अध्यापक अंबर दीक्षित ने फोन पर विद्यालय खुले होने का दावा किया। प्राथमिक विद्यालय नरायनपुरवा में तीन फुट तक पानी भरा हुआ है।
नदी की धार में कट गए स्कूल
प्राथमिक विद्यालय गुजारा, सिंधिया करसौर प्रथम, करसौर द्वितीय, बेल्हा सिकटिया, मुड़िया, पूजा गांव, मेहंदी, बझेड़ा, कुंवरपुर खुर्द, रेवतीपुरवा, रैनागंज, रामनगर कला, पकरिया, सल्लिहा, दरियाबाद, तिखड़ा बुझवा, दौलतापुर, सलामत नगर कोरियाना के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय कट चुका है।
स्कूलों में भरा बाढ़ का पानी, छुट्टी मना रहे बच्चे
पलियाकलां। पलिया क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ऐसे में यहां के स्कूल भी जलमग्न हो गए हैं। यह स्कूल बीते दो दिनों से बंद हैं। हालांकि, इन स्कूलों के शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में अटैच कर दिया गया है। पलिया के मुंजहा, घोला, मकनपुर, बिलहिया, देवीपुर, चंबरबोझ, अतरनगर, गजरौरा, ऐंठपुर, फुलवरिया समेत कई ऐसे गांव हैं, जहां पानी भरा है। इससे बच्चों की शिक्षा में व्यवधान आ रहा है। बच्चों को किसी दूसरे स्कूल से अटैच नहीं किया गया है। बीईओ नागेंद्र चौधरी ने बताया कि कटान की स्थिति किसी स्कूल में नहीं है। बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई जरूर प्रभावित हो रही है।
बीएसए और बीईओ के बयानों में विरोधाभास
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि बच्चों को पड़ोसी स्कूल में शिफ्ट किया जाता है। किसी भी दशा में केवल शिक्षक शिफ्ट नहीं किए जाते हैं। वहीं, ब्लॉकों पर तैनात बीईओ का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के स्कूलों में तैनात शिक्षकों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है।
खांभी गांव के उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूल मे भरा बाढ़ का पानी
खांभी गांव के उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूल मे भरा बाढ़ का पानी
खांभी गांव के उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूल मे भरा बाढ़ का पानी