गौरैया दिवस पर अलग-अलग हुए कई कार्यक्रम
वन विभाग और सामाजिक संस्थाओं के सौजन्य से गौरैया दिवस मनाया गया। इस मौके पर मौजूद विशेषज्ञों ने गौरैया के महत्व, उसकी घटती संख्या के कारण पर चर्चा की। साथ ही गौरैया संरक्षण के विभिन्न उपाय भी बताए। वन विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर गौरैया संरक्षण के लिए जागरूकता गोष्ठी आयोजित की।
पलियाकलां। बंशीनगर में पर्यावरण शिक्षण केंद्र पर वन्यजीव प्रेमी अनुराग ने गौरैया दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बच्चों को गौरैया संरक्षण की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को यूनीफार्म भी बांटी।
गौरैया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि गौरैया मार्च से जून तक अपने घोंसले बनाती है। उन्होंने गुजारिश है कि अपने घर के आस पास बेल वाले और घने छायादार वृक्ष लगाएं। कहा कि घर की मुंडेर पर दाना-पानी भी रखा जाए क्योंकि इन्हीं महीनों में इनका प्रजनन काल होता है और यह घोंसले बनाती हैं। इन गर्मियों में चिलचिलाती धूप में कंक्रीट के नगर में इन्हें दाना पानी और हरियाली की जरूरत होती है। यदि हम इनके अनुकूल माहौल बनाने की कोशिश में लग जाएं तो हमारे आसपास पर्यावरण शुद्ध हो जाएगा जो हमारे इंसानों के साथ साथ गौरैया के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने बच्चों को दुधवा टाइगर रिजर्व और आसपास पाए जाने वाले पक्षियों की जानकारी दी।
मितौली। विश्व गौरैया दिवस के उपलक्ष्य में प्राथमिक विद्यालय दानपुर में कार्यक्रम हुआ। इसमें पर्यावरणविद केके मिश्र ने बच्चों को गौरैया का महत्व बताया कहा पर्यावरण को स्वस्थ और हरा-भरा रखने के लिए पक्षी संरक्षण जरूरी है। गौरैया हमारे घरों के आस पास के स्वस्थ वातावरण की सूचक है। उन्होंने बच्चों से गौरैया के लिए तपती धूप में छायादार स्थानों पर दाना पानी रखने की शपथ दिलाई।
बांकेगंज। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी और गोला रेंज में गौरैया दिवस मनाया गया। इस मौके पर वन अधिकारियों और कर्मियों ने लोगों को गौरैया संरक्षण के उपाय बताए। रेंज कार्यालयों में आयोजित गोष्ठी में वन क्षेत्राधिकारी मैलानी डीएस यादव और गोला उमेश चंद्र राय ने वनकर्मियों और ग्रामीणों को गौरैया संरक्षण का संदेश देते हुए इनके बचाव के उपाय बताए। इस मौके पर विनोद गोयल, हरीकिशन अग्रवाल, जानकी प्रसाद अग्रवाल, राजेन्द्र प्रसाद माहेश्वरी, फारेस्टर राजेश कुमार, माया प्रकाश, सुदर्शन सिंह, सुखपाल सिंह, अनुज रंजन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।