मझगईं। थाना क्षेत्र के मुर्गहा में एक 12 वर्षीय बालक पर तेंदुए ने हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए पलिया सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज जारी है।
मझगईं रेंज के मुर्गहा निवासी सुरेंद्र कुमार का 12 वर्षीय पुत्र भोला गांव के पश्चिम में लगभग तीन किमी दूर एक खेत पर काम कर रहे अपने नाना छत्रपाल को खाना देने जा रहा था। रास्ते में गन्ने के खेत में छिपे बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। इसी दौरान पीछे से आ रहे वनरक्षक रंजीत कुमार व देशराज ने जब बालक के चिल्लाने की आवाज सुनी तो वह मौके पर दौड़कर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा की तेंदुआ बालक को पटक रहा था।
वनरक्षक रंजीत व देशराज ने हल्ला मचाने के साथ ही लाठी-डंडों से तेंदुए की पिटाई शुरू कर दी, तब वह बालक को छोड़कर गन्ने के खेत में भाग गया। बालक भोला की पीठ, गर्दन में दांत के निशान बन गए हैं। घायल अवस्था में परिजनों को सूचना देने के बाद बालक को पलिया सीएचसी भेजा गया। जहां उसका इलाज किया गया है। रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि उक्त बालक जंगल में लकड़ी बीनने गया था। स्टाफ मौजूदा था और स्टाफ ने ही उसकी जान बचाई है।
तेंदुए के हमले में किसान घायल, ग्रामीणों में दहशत
बिजुआ। गोला वनरेंज की रायपुर वीट के गांव घनापुरवा में सुबह में खेत में पानी लगाते समय तेंदुए ने किसान पर हमला कर दिया।
गांव घनापुरवा जंगल के किनारे बसा हुआ है। लोगों के जंगल के किनारे खेत हैं। शनिवार की सुबह 38 वर्षीय नन्हेलाल अपने खेत में गन्ने में पानी लगा रहा था। अचानक पीछे से तेंदुए ने आकर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। घायल को बिजुआ अस्पताल पहुंचाया। जहां से गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फॉरेस्टर नरेश कुमार ने बताया कि पानी की तलाश में तेंदुआ खेत तक आ गया होगा। घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। संवाद