जिला अस्पताल में त्वचा रोगियों की लगी भीड़। संवाद
लखीमपुर खीरी। बरसात के मौसम में एक ओर डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो वहीं अब चिकन पॉक्स (चेचक) के मामले भी सामने आने लगे हैं। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों से चिकन पॉक्स के मरीज आने लगे हैं। चिकित्सकों का कहना है मौसम में नमी और तापमान में बदलाव के कारण यह वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
जिला अस्पताल में चिकन पॉक्स के प्रतिदिन करीब तीन-चार मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश युवा शामिल हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेन्द्र गौतम ने बताया कि शुरुआती लक्षणों में हल्का बुखार, थकान, सिरदर्द और 1-2 दिन बाद शरीर पर लाल दाने व फफोले दिखाई देते हैं। यह संक्रमण छींक, खांसी और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसलिए ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर यदि घर में किसी के ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो चिकित्सक से ही परामर्श लेकर इलाज कराएं।
इन बातों का रखें ध्यान
-चिकन पॉक्स संक्रामक रोग है।
-छींक, खांसी या त्वचा के सीधे संपर्क से फैलता है।
-बुखार और दाने वाले मरीज से दूरी बनाएं।
-दाने को खुजलाने से संक्रमण और बढ़ सकता है।
बचाव के उपाय
-मरीज को अलग कमरे में रखें।
-तौलिए, कपड़े और बर्तन अलग रखें।
-हल्के और ढीले कपड़े पहनें।
-भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें।
-साबुन से हाथ धोते रहें।
-पर्याप्त आराम और पौष्टिक आहार लें।