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Lakhimpur Kheri News: हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजी छोटी काशी

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सावन के छठे सोमवार पर शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते वक्त
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लखीमपुर खीरी। सावन माह के छठे सोमवार को गोला गोकर्णनाथ समेत जिले के प्राचीन शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। गोला में आधी रात के बाद तो अन्य मंदिरों के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में ही खोल दिए गए। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी लंबी कतारें लग गईं।
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गोलागोकर्णनाथ, टेढ़ेनाथ, लिलौटीनाथ, मंदिरों में बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया। सड़कों पर हर-हर महादेव का जयघोष करते कांवड़ियों की कतारें दिखाई दीं। जगह-जगह भंडारों और रुद्राभिषेक का आयोजन भी किया गया। इस दौरान नागों के दर्शन कराने के लिए सपेरों की भारी भीड़ रही। कई श्रद्धालुओं ने भंडारे का आयोजन कर प्रसाद वितरित किया।
लखीमपुर के जंगलीनाथ मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, शहर से नौ किलोमीटर दूर महाभारत कालीन लिलौटीनाथ मंदिर और मोहम्मदी क्षेत्र में ढेढ़ेनाथ शिव मंदिर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इसके अलावा ओयल के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर (मेंढक शिव मंदिर), सिंगाही स्थित भूलभुलैया शिव मंदिर, कफरा के लीला नाथ मंदिर, पारसनाथ मंदिर, वनखंडी मंदिर, पालननाथ मंदिर, क्लेशहरण मंदिर, मोटेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंदिरों के अलावा जगह जगह भंडारों का आयोजन किया गया।
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करीब 3 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
भीड़ हुई बेकाबू, जमीन में गड़े लोहे के पिलर झेल नहीं पाए भीड़ का दबाव, बिखर गई रेलिंग
गोला गोकर्णनाथ। शिव भक्तों की भीड़ इतनी उमड़ी कि पुलिस प्रशासन को व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। शिव मंदिर के मुख्य मार्ग के बीचो-बीच बनाई गई रेलिंग भीड़ का दबाव नहीं झेल पाई और बिखर गई।
सावन के छठे सोमवार को भक्तों के दर्शनार्थ पौराणिक शिव मंदिर के कपाट रात 1:30 बजे ही खोल दिए गए। शिव मंदिर में दर्शन प्रक्रिया शुरू होते ही भीड़ का दबाव मार्गों में लगी बैरिकेडिंग और रेलिंग पर बढ़ने लगा। सुबह 7:00 से 8:30 बजे के बीच भीड़ का दबाव इतना बढ़ गया कि अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। लोग रेलिंग छलांग कर इधर-उधर भागने लगे।
देखते ही देखते लोहे की रेलिंग बिखर गई। वालंटियर और दुकानदारों की तत्परता के चलते श्रद्धालु हताहत होने से बच गए और किसी तरह स्थिति को संभाला गया। शिव मंदिर कमेटी अध्यक्ष जनार्दन गिरी ने बताया कि सावन के छठे सोमवार पर करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए हैं। नाग पंचमी और भूतनाथ मेले में और अधिक भीड़ हो सकती है।
कंट्रोल रूम में एसडीएम और तहसीलदार ने संभाला मोर्चा

छठे सोमवार पर उमड़े श्रद्धा के जनसमूह को संभालने के लिए एसडीएम रत्नाकर मिश्रा और तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता ने कंट्रोल रूम में भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली। एसडीएम ने बताया कि सुबह भीड़ का दबाव बढ़ गया था। जिसमें रेलिंग टूट गई है। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ।

जलाभिषेक के बाद जहां-तहां छोड़ दिए कांवड़ के ढांचे
शिवभक्त जिस सजी-धजी कांवड़ में गंगाजल लेकर सैकड़ों किलोमीटर से पैदल आते हैं। गंगाजल शिव को अर्पित करने के बाद इस कांवड़ को जहां-तहां छोड़ देते हैं। आलम यह है कि शिव मंदिर परिसर, गोकर्ण तीर्थ के तट, नीलकंठ मैदान, पंडों के घाटों के तीन शेडों के ऊपर कांवड़ के ढांचों के ढेर लगे हैं।
कइयों की कटी जेब, महिलाओं के गायब हो गए जेवर

भीड़ में उचक्कों की भी बन आई है। कई श्रद्धालुओं की जेब से पर्स पार हो गई, वहीं कई महिला श्रद्धालुओं के जेवर भीड़ में गायब हो गए।

सावन के छठे सोमवार पर शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते वक्त

सावन के छठे सोमवार पर शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते वक्त

सावन के छठे सोमवार पर शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते वक्त

सावन के छठे सोमवार पर शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते वक्त

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