गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी कॉरिडोर निर्माण की सर्वे रिपोर्ट पर शासन-प्रशासन की मुहर लगने के बाद अधिग्रहण की कार्रवाई तो शुरू हुई लेकिन अधिग्रहीत भूमि के लिए सहमति पत्र देने में लोग आनाकानी कर रहे हैं। तीन माह से अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों में सुस्ती भी दिख रही है।
छोटीकाशी कॉरिडोर की मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा के बाद से करीब एक वर्ष होने को है। इस दौरान तहसील, जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक के अधिकारियों की कई टीमें आईं और गईं। पैमाइश, नक्शा, अधिग्रहण को लेकर महीनों सर्वे हुए। रिपोर्ट के आधार पर 46 भवन अधिग्रहण की जद में आए हैं। अब इन भवनों के पक्षकारों से सहमतिपत्र न मिल पाने से अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि करीब 10 पक्षकारों ने अपने सहमति पत्र दे दिए हैं।
सर्किल रेट से दो गुना मिलेगा मुआवजा
छोटी काशी कॉरिडोर परिक्षेत्र में मुख्य मार्ग के किनारे की भूमि का सर्किल रेट राजस्व विभाग द्वारा 16800 प्रति वर्ग मीटर, और अंदर की भूमि का सर्किल रेट 9000 रुपए प्रति वर्ग मीटर निर्धारित है। भूमि अधिग्रहण में सर्किल रेट के दोगुना मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। सूत्रों के अनुसार जो भवन सरकारी नजूल की जमीन पर बने हैं उन पक्षकारों को केवल भवन का मुआवजा मिलेगा।
6731 वर्ग मीटर भूमि की जानी है अधिग्रहीत
धर्मशालाओं सहित 46 भवनों से 6731 वर्ग मीटर भूमि अधिग्रहीत की जानी है। अधिकारियों ने पक्षकारों से सहमतिपत्र, दावा और आपत्ति एवं भूमि स्वामित्व संबंधी अभिलेख मांगे हैं।