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मां के जयकारों से गूंजे देवी मंदिर

Tue, 12 Apr 2016 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
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मं‌द‌िर - फोटो : अमर उजाला
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नवरात्र के छठे दिन हुई मां कात्यायनी की अराधना
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संकटादेवी देवी मंदिर में दिन भर लगा रहा भक्तों का मेला
नवरात्र के छठे दिन मंगलवार को देवी भक्तों ने मां कात्यायनी की श्रद्धा के साथ आराधना की। देवी मंदिर दिन भर मां के जयकारों और घंटा धड़ियाल की ध्वनि से गूंजते रहे। मां कात्यायनी की पूजा के साथ यज्ञ और हवन का सिलसिला भी शुरू हो गया है। तमाम उपवासी श्रद्धालुओं ने घरों में हवन कर धर्मध्वज की स्थापना की। मंदिरों में भी सामूहिक हवन आयोजित किए गए। मंदिरों में दिन भर दर्शनार्थियों का मेला लगा रहा। 
शहर के प्राचीन संकटादेवी मंदिर अवध क्षेत्र में देवी भक्तों के लिए गहन आस्था का केंद्र है। मान्यता है मां महालक्ष्मी स्वरूप संकटादेवी की प्रतिमा यहां भगवान कृष्ण ने महाभारत युद्ध के बाद भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन कर लौटते समय स्थापित की थी। मां लक्ष्मी के नाम से ही शहर का नाम लक्ष्मीपुर पड़ा जो बाद में अपभ्रंश होते-होते लखीमपुर हो गया। शहर के मध्य में जहां संकटादेवी मंदिर स्थित है उस मोहल्ले का नाम संकटादेवी है। यहां लखीमपुर ही नहीं अवध क्षेत्र के तमाम जिलों के लोग यहां दर्शन पूजन के लिए आते हैं। श्रद्धालु यहां मनौतियां मानते हैं और पूरी होने पर मंदिर में घंटा बांधते हैं और चढ़ावा चढ़ाते हैं। पूरे नवरात्र भर यहां मेला रहता है। मंगलवार को भी हजारों श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर नारियल, शृंगार सामग्री और मिष्ठान से पूजा की। 
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शहर के दूसरे प्राचीन शीतला देवी मंदिर में दिन भर भक्तों की भारी भीड़ रही। मां शीतला देवी मां महागौरी के रूप में पूजित हैं। यह मंदिर तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र है। शीतला देवी मंदिर में दिन भर धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहा। मंदिर में देर रात तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। उधर वंकटादेवी मंदिर में भी दिन में भजन कीर्तन कर लोगों ने देवी का गुणगान किया। 
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रात में शहर में कई जगह देवी जागरण का आयोजन किया गया। देवी जागरण में भजन गायकों ने मां का गुणगान करते हुए महिषासुर, शुंभ निशुंभ वध और रक्तबीज के अंत की सजीव झांकियां पेश की गईं। मां काली की झांकी देख लोग रोमांचित हो उठे। शहर के सभी देवी मंदिरों में देर रात तक धार्मिक आयोजन हुए। संकटा देवी मंदिर में चल रही श्री मद् देवी भागवत कथा सुनने के लिए भक्तों की भारी भीड़ रही। 
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