ड्रग वेयर हॉउस में सिरप की पड़ताल करते हुए औषधि निरीक्षक बबिता रानी। स्रोत : स्वयं
लखीमपुर खीरी। कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर प्रतिबंध है। जनपद में कहीं आपूर्ति तो नहीं हुई, इसकी पड़ताल के लिए औषधि प्रशासन टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। सरकारी अस्पताल के अलावा निजी अस्पताल व मेडिकल एजेंसियों व मेडिकल स्टोरों की जांच की गई। हालांकि, औषधि प्रशासन टीम को कहीं कोल्ड्रिफ कफ सिरप नहीं मिला।
औषधि निरीक्षक बबिता रानी ने बताया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप से जब पहली घटना हुई थी, तभी से उन्होंने इसकी निगरानी शुरू कर दी थी। कई मेडिकल स्टोरों पर जांच की। इसके बाद शासन से चेकिंग अभियान चलाने का आदेश आया। जनपद के अलग-अलग हिस्सों में प्रतिष्ठानों की जांच की। सरकारी अस्पतालों, निजी अस्पतालों के अलावा मेडिकल स्टोर व एजेंसियों पर देखा, लेकिन कहीं भी कोल्ड्रिफ कफ सिरप नहीं मिली।
साथ ही मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी है कि अगर यह सिरप मिलती तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लग चुका है। इसकी बिक्री करना अपराध है।
औषधि निरीक्षक बबिता रानी ने बताया कि चेकिंग के दौरान अलग-अलग कंपनियों के नौ सिरप के सैंपल लिए हैं। मेहताब अस्पताल के न्यू लाइफ लाइन मेडिलक से वेद्रिंक कफ सिरप, मॅकबेरी एक्स टी सिरप, गुप्ता चिल्ड्रेन हॉस्पिटल की फार्मेसी से एफरिलीम कफ सिरप, कास्कोपिन, किलकारी अस्पताल के शिवा मेडिकल से जिरोटस-डी सिरप, एंम्ब्रोडिल एलएस कफ सिरप, आर्शीवाद चाइल्ड केयर अस्पताल के कृष्णा मेडिकल से नारवेंट एल-एस कफ सिरप, कफरिल एल-एस प्लस सिरप, आस्थाकाइंड एल-एस जूनियर कफ सिरप के सैंपल लिए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉपरेशन लिमिटेड के ड्रग वेयर हाउस राजापुर में भी देखा।